कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक
शामिल:
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अनुभवी ट्रेक लीडर और गाइड
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक — गाइड, तारीखें और खर्च
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक गांदरबल, जम्मू और कश्मीर में 7 दिन का मध्यम–कठिन ट्रेक है, जो 4,206 मीटर (13,800 फ़ीट) तक जाता है। इसमें लगभग 67 किमी पैदल चलना होता है और यह शितकड़ी से शुरू होकर Naranag पर ख़त्म होता है। सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर। Trekkaro की क़ीमत: ₹19,500 प्रति व्यक्ति + 5% GST, माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स मुफ़्त उधार (कोई डिपॉज़िट या शुल्क नहीं); ट्रेकिंग जूते, जैकेट और पोल अपने लाएँ। अगला बैच: 3 जुलाई 2027 (22 आने वाले बैच)।
अपडेट
ज़िला: गांदरबल
अवधि: 7 दिन
कठिनाई स्तर: मध्यम–कठिन
सबसे ज़्यादा ऊँचाई: 4,206 मीटर / 13,800 फ़ीट
ट्रेकिंग दूरी: 67 किलोमीटर
तापमान: जुलाई की शुरुआत: दिन 8°C से 18°C, रात -5°C से -2°C | जुलाई के मध्य से अगस्त: दिन 14°C से 22°C, रात 2°C से 8°C | अगस्त के आख़िर से सितंबर के मध्य तक: दिन 10°C से 18°C, रात -1°C से 4°C
भारत में कई ट्रेक ख़ूबसूरत हैं। और फिर आता है कश्मीर ग्रेट लेक्स – एक ऐसा रास्ता जो अनुभवी ट्रेकर्स के क़दम भी थाम देता है। एक ही घाटी में पिरोई हुई सात ऊँची अल्पाइन झीलें, हर एक का रंग अलग: नीला, हरा और फ़िरोज़ी। ऐसे बुग्याल जो कुदरती कम और किसी ने सजाकर बनाए हुए ज़्यादा लगते हैं। पहाड़ की दीवारें इतनी पास कि उनके आकार का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो जाता है।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक भारत का सबसे शानदार नज़ारों वाला ट्रेक है। विशनसर और किशनसर – लगभग 13,400 फ़ीट पर जुड़वाँ झीलें। सर्किट के सबसे ऊँचे दर्रे के नीचे गडसर। सतसर, सात जुड़ी हुई झीलों की एक कड़ी, जैसी हिमालय में और कहीं नहीं। और हरमुख चोटी के दक्षिणी चेहरे के नीचे गंगाबल और नुंदकोल – जिसे कई अनुभवी ट्रेकर्स देश की सबसे बेहतरीन कैंपसाइट मानते हैं। सात दिनों में Trekkaro आपको यह सब दिखाता है, सोनमर्ग के पास शितकड़ी से नारानाग तक, श्रीनगर के टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर से पिकअप और ड्रॉप के साथ, दर्रों के पार, बुग्यालों के बीच से और उन झीलों के किनारे-किनारे जिनसे इस सर्किट को उसका नाम मिला है। यह किसी एक तरह का रोमांच नहीं है। यह हिमालय का पूरा अनुभव है।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक ऊपरी कश्मीर घाटी में एक ऊँचाई वाला सर्किट है, जो सोनमर्ग के पास शितकड़ी से नारानाग तक 11,000 से 13,800 फ़ीट की ऊँचाई पर सात अलग-अलग अल्पाइन झीलों से होकर गुज़रता है। रास्ता निचनाई पास, गडसर पास और गंगाबल घाटी के ऊपर की रिज पार करता है, और पूरे हिमालय के सबसे नाटकीय और विविध इलाक़ों से होकर जाता है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और सिक्किम के रास्तों से लौटे अनुभवी ट्रेकर्स ने इसे भारत का सबसे ख़ूबसूरत ट्रेक कहा है। हमारे अनुभव में यह बात सही है।
सात झीलें – यह ट्रेक क्यों नहीं छोड़ना चाहिए
कश्मीर ग्रेट लेक्स को हिमालय के हर दूसरे सर्किट से अलग बनाती है इसकी झीलों की कड़ी। विशनसर और किशनसर घाटी के सिरे पर लगभग 13,400 फ़ीट पर जुड़वाँ झीलें हैं, जिनके बीच एक पतली रिज है; दोनों निचनाई दर्रे से एक साथ दिखती हैं, और दिन के समय के साथ उनका रंग गहरे नीले से फ़िरोज़ी में बदलता रहता है। गडसर, रास्ते की सबसे गहरी झील, 11,800 फ़ीट पर मोरेन की दीवार के नीचे ऐसे वीरान इलाक़े में है जो भूगोल कम और भूविज्ञान ज़्यादा लगता है। सतसर एक झील नहीं बल्कि नालों से जुड़ी सात छोटी झीलों की कड़ी है, जो इस घाटी की अनोखी भूवैज्ञानिक बनावट है। आख़िरी जोड़ी, गंगाबल और नुंदकोल, हरमुख चोटी (5,142 मीटर) के दक्षिणी चेहरे के नीचे एक हिमनदी घाटी में हैं, जिसे कई अनुभवी ट्रेकर्स भारतीय हिमालय की ट्रेकिंग का सबसे बेहतरीन नज़ारा मानते हैं। आप दोपहर में गंगाबल पहुँचते हैं और आपके पास समय बचा होता है। आप पानी के किनारे बैठते हैं। ऊपर का पहाड़ नीचे पानी में झलकता है। इसके अलावा और कुछ होने की ज़रूरत नहीं।
घाटी ख़ुद
रास्ता शितकड़ी से नारानाग तक ऊपरी कश्मीर घाटी को पार करता है: ऊँचे दर्रे, छिपी हुई घाटियों में उतराई, और ऐसी रिज जिनसे हिमालय और काराकोरम दोनों श्रृंखलाएँ एक साथ दिखती हैं। नज़ारा लगातार बदलता है: नीचे के रास्ते पर चीड़ और भोजपत्र के जंगल, बीच की ऊँचाई पर खुले अल्पाइन बुग्याल, और ऊपरी दर्रों और घाटियों में नंगी चट्टानें, बर्फ़ और हिमनदी मोरेन। यही विविधता, झीलों के सर्किट के साथ मिलकर, कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक को देश के हर दूसरे रास्ते से अलग बनाती है।

यह ट्रेक किसके लिए है?
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक का ग्रेड मध्यम से कठिन है। यह पहली बार हिमालय ट्रेक करने वालों के लिए सही नहीं है; रोज़ की दूरी काफ़ी है (रोज़ 10-14 किमी), ऊँचाई लगातार बढ़ती है, और दर्रों पर खड़े रास्तों के लिए शारीरिक आत्मविश्वास चाहिए। हम यह ट्रेक उन ट्रेकर्स को सुझाते हैं जिन्होंने इसी तरह की ऊँचाई पर कम से कम एक हिमालय ट्रेक पहले किया हो, या जिनकी कार्डियो फ़िटनेस मज़बूत हो और जो निकलने से पहले के 8-10 हफ़्तों में गंभीर तैयारी करने को तैयार हों। सुझाई गई न्यूनतम उम्र: 14 साल। ऊपरी उम्र की कोई सीमा नहीं है; 60 से ऊपर के ट्रेकर्स की फ़िटनेस अच्छी होनी चाहिए। हर ट्रेकर डॉक्टर के हस्ताक्षर वाला मेडिकल सर्टिफ़िकेट लेकर आता है। रोज़ ट्रेकिंग के घंटे: 4-8 घंटे। मौसम: सिर्फ़ जुलाई से सितंबर।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक की ख़ास बातें
- एक ही लगातार सर्किट में सात अलग-अलग ऊँची अल्पाइन झीलें – विशनसर, किशनसर, गडसर, सतसर, गंगाबल और नुंदकोल
- 13,800 फ़ीट पर गडसर पास – रास्ते का सबसे ऊँचा बिंदु, साफ़ दिनों में कश्मीर और लद्दाख का चारों ओर का नज़ारा
- हरमुख चोटी (5,142 मीटर) के नीचे गंगाबल झील – जिसे भारतीय ट्रेकिंग की सबसे बेहतरीन कैंपसाइट माना जाता है
- सतसर – सात आपस में जुड़ी झीलों की कड़ी, कश्मीर घाटी की अनोखी भूवैज्ञानिक बनावट
- जुड़वाँ झीलों का नज़ारा: 13,100 फ़ीट पर निचनाई दर्रे की रिज से विशनसर और किशनसर एक साथ दिखती हैं
- आख़िरी उतराई पर नारानाग के मंदिरों के खंडहर (8वीं सदी) – कुदरती नज़ारों वाले रास्ते पर एक दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहर
- शितकड़ी से नारानाग तक पूरा सर्किट ट्रेक – एक ही रास्ते से आना-जाना नहीं; हर दिन नया इलाक़ा
- प्रमाणित Trekkaro ट्रेक लीडर और गाइड, रोज़ सेहत की जाँच
कश्मीर ग्रेट लेक्स जाने का सबसे अच्छा समय
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक का मौसम हिमालय के किसी भी बड़े सर्किट में सबसे छोटे मौसमों में से एक है — जुलाई की शुरुआत से सितंबर के मध्य तक, लगभग 10 से 11 हफ़्ते। निचनाई और गडसर दर्रे जुलाई से पहले बर्फ़ से ढके रहते हैं और अक्टूबर के मध्य से ताज़ा बर्फ़बारी उन्हें फिर बंद कर देती है। इस समय के भीतर, मौसम का हर हिस्सा अलग अनुभव देता है।
जुलाई की शुरुआत - मौसम की शुरुआत (दर्रों पर बर्फ़)
जुलाई की शुरुआत में कश्मीर ग्रेट लेक्स का रास्ता खुलता है। दर्रों पर अभी भी काफ़ी बर्फ़ होती है, और निचनाई दर्रे की चढ़ाई और गडसर पास पार करने, दोनों में बर्फ़ के हिस्से आते हैं जिनके लिए माइक्रोस्पाइक्स चाहिए। लेकिन यही वह समय भी है जब कश्मीर के अल्पाइन बुग्याल सबसे शानदार होते हैं: बर्फ़ पिघलते ही मर्ग जंगली फूलों से भर जाते हैं, फूल सबसे घने और रंगीन — बैंगनी प्रिमुला, नीला हिमालयी पॉपी और पीला पोटेंटिला, इतनी घनी परतों में कि ज़मीन का हर वर्ग मीटर ढक जाता है। झीलें चारों ओर से पिघलती बर्फ़ के पानी से भरकर सबसे गहरी होती हैं, और उनके रंग सबसे गहरे। जो ट्रेकर्स बर्फ़ पार करने का पूरा अनुभव और फूलों का सबसे शानदार नज़ारा चाहते हैं, उनके लिए जुलाई की शुरुआत एक सही और फ़ायदेमंद चुनाव है।
- तापमान: दिन: 8°C से 18°C | कैंप पर रात: -2°C से -5°C
- ट्रेल की हालत: दोनों दर्रों पर बर्फ़। फूलों से भरे बुग्याल। तेज़ हिमनदी धाराएँ।
- किसके लिए सबसे अच्छा: बर्फ़ पार करना, जंगली फूलों की फ़ोटोग्राफ़ी, और सबसे गहरी और रंगीन झीलें।
जुलाई के मध्य से अगस्त – मुख्य मौसम (सबसे ज़्यादा सुझाया गया)
कश्मीर ग्रेट लेक्स के लिए Trekkaro का सबसे ज़्यादा सुझाया गया समय यही है। दर्रे पूरी तरह साफ़ होते हैं, सातों झीलों तक सबसे अच्छी हालत में पहुँचा जा सकता है, बुग्याल गहरे हरे रहते हैं, और मौसम हिमालय की गर्मियों के भरोसेमंद ढर्रे पर चलता है: साफ़, गुनगुनी सुबहें, कभी-कभी दोपहर में बादल और थोड़ी देर बारिश की संभावना। इस समय झीलों के रंग अद्भुत होते हैं – साफ़ सुबह में विशनसर गहरा नीला, पूरी तरह शांत पानी में हरमुख को झलकाती गंगाबल, और दोपहर की रोशनी में गहरे हरे रंग में चमकती गडसर। ट्रेक ठीक उतना ही शानदार दिखता है जितना वे तस्वीरें, जिन्हें देखकर आपने पहली बार इसे करने की ठानी थी।
- तापमान: दिन: 14°C से 22°C | कैंप पर रात: 2°C से 8°C
- ट्रेल की हालत: दर्रे पूरी तरह साफ़। सभी झीलों तक पहुँच। कुल मिलाकर सबसे अच्छी हालत।
- किसके लिए सबसे अच्छा: कुल मिलाकर सबसे अच्छा अनुभव, झीलों के गहरे रंग, और सातों झीलों पर आदर्श हालात।
अगस्त के आख़िर से सितंबर के मध्य - मानसून के बाद का मौसम (एकदम साफ़ नज़ारे)
अगस्त के आख़िर से सितंबर के मध्य तक का समय कश्मीर ग्रेट लेक्स के लिए कम आँका गया लेकिन ख़ूबसूरत समय है। मानसून कमज़ोर पड़ता है, हवा साफ़ होती है, और पहाड़ साल में सबसे साफ़ दिखते हैं — जो चोटियाँ जुलाई में धुंधली दिखती हैं, वे सितंबर में एकदम तीखी और साफ़ खड़ी होती हैं। इस रोशनी में गंगाबल के ऊपर हरमुख ख़ास तौर पर शानदार लगता है। जुलाई के मुख्य मौसम से भीड़ कम होती है, ट्रेल साफ़ बने होते हैं, और कैंप पर रातें ठंडी और साफ़ होती हैं। झीलों का रंग सितंबर के मध्य तक बना रहता है। सितंबर की शुरुआत से रातें काफ़ी ठंडी होने लगती हैं, और ऊपरी घाटी की रिज पर बदलती रोशनी में पतझड़ की आहट दिखने लगती है।
- तापमान: दिन: 10°C से 18°C | कैंप पर रात: -1°C से 4°C
- ट्रेल की हालत: साफ़ ट्रेल, सबसे साफ़ नज़ारे, कम ट्रेकर्स, ठंडी रातें।
- किसके लिए सबसे अच्छा: एकदम साफ़ पहाड़ी नज़ारे, शांत ट्रेल, और झीलों पर मानसून के बाद की शानदार रोशनी।
अक्टूबर से आगे – मौसम का अंत
अक्टूबर के मध्य से ऊपरी कश्मीर घाटी पर फिर से सर्दी छा जाती है, और ताज़ा बर्फ़बारी बिना चेतावनी के दर्रे बंद कर देती है। Trekkaro सितंबर के मध्य के बाद कश्मीर ग्रेट लेक्स के नियमित बैच नहीं चलाता।
Trekkaro की सलाह
कश्मीर ग्रेट लेक्स का पूरा अनुभव चाहिए तो जुलाई के मध्य से अगस्त का बैच बुक करें। बर्फ़ पार करने के साथ जंगली फूलों का सबसे शानदार नज़ारा चाहिए तो जुलाई की शुरुआत चुनें। पहाड़ों के सबसे साफ़ नज़ारे और शांत ट्रेल के लिए अगस्त के आख़िर से सितंबर के मध्य तक का समय मानसून के बाद हमारी पहली पसंद है।
📅 कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक के लिए सबसे अच्छे महीने: जुलाई से सितंबर। अभी तारीख़ तय नहीं की? इन्हें देखें: जुलाई के ट्रेक, अगस्त के ट्रेक और सितंबर के ट्रेक.
🏃 क्या मैं कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक के लिए तैयार हूँ? 2 मिनट का मुफ़्त फ़िटनेस टेस्ट दें और अपना रेडीनेस स्कोर और निजी ट्रेनिंग प्लान पाएँ।
टेस्ट दें →ट्रेक का यात्रा कार्यक्रम
गाड़ी की व्यवस्था टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (TRC), श्रीनगर से दोपहर 12:00 बजे होगी। कैब का किराया ₹8,500 प्रति गाड़ी (आना-जाना) है, जिसका भुगतान सीधे ड्राइवर को करना होगा। यह किराया एक ही गाड़ी (5–6 सीट) के ट्रेकर्स में बँटता है।
अगर इसका इस्तेमाल होता है, तो ट्रेकर्स को ₹2,500 प्रति व्यक्ति प्रति दिन का अतिरिक्त ख़र्च देना होगा (खाना, रहना और स्टाफ़ का ख़र्च शामिल)।
दिन 1: श्रीनगर से शितकड़ी
रूट की जानकारी:
सफ़र: श्रीनगर → शितकड़ी (~85 किमी, ~3 घंटे) | ऊँचाई: 5,200 फ़ीट → ~8,530 फ़ीट | गतिविधि: छोटी ओरिएंटेशन वॉक, कैंप लगाना, हेल्थ बेसलाइन
कश्मीर ग्रेट लेक्स सर्किट का दिन 1 पहुँचने का दिन है। श्रीनगर से शितकड़ी का सफ़र शहर के बाहरी इलाक़ों से जल्दी निकलकर घाटी के तल से ऊपर निचले पहाड़ी इलाक़े में पहुँचता है। शितकड़ी लगभग 8,530 फ़ीट की ऊँचाई पर है, जो मैदानों से आने वाले ट्रेकर्स के लिए पहले से ही अच्छी-ख़ासी ऊँचाई है। ट्रेलहेड ऐसी जगह पर है जहाँ शहर का शोर पीछे छूट जाता है और ऊपरी कश्मीर के नज़ारों का असली मिज़ाज सामने आने लगता है। चीड़ का जंगल, पास बहती धारा की आवाज़, और श्रीनगर में मिलने की जगह से कुछ डिग्री ठंडा मौसम।
शितकड़ी में दोपहर का समय दूरी तय करने के बजाय तैयारी के लिए रखा जाता है। ट्रेक लीडर हर ट्रेकर का पहला हेल्थ बेसलाइन लेता है: SpO₂, पल्स रेट और ब्लड प्रेशर। यही रीडिंग वह आधार बनती है जिससे आगे की हर दिन की रीडिंग की तुलना की जाएगी। इसके बाद ट्रेक ब्रीफ़िंग होती है: रूट की रूपरेखा, रोज़ का कार्यक्रम, हेल्थ मॉनिटरिंग का तरीक़ा, AMS की जानकारी, और दिन 2 और 3 में क्या उम्मीद करें।
आज की रात कश्मीर के ऊँचे पहाड़ों में छह रातों में से पहली रात है। शितकड़ी की ऊँचाई पर सोने से एक्लिमेटाइज़ेशन नपे-तुले ढंग से शुरू होता है: इतनी ऊँचाई कि शरीर ढलना शुरू कर दे, पर इतनी नहीं कि सर्किट के कठिन दिनों से पहले ही शरीर पर ज़ोर पड़े। भरपेट डिनर करें, अच्छी तरह पानी पिएँ और रात 9:00 बजे तक स्लीपिंग बैग में पहुँच जाएँ। कल से ट्रेल सच में शुरू होती है।
क्या उम्मीद करें:
- श्रीनगर में मिलने की जगह से शितकड़ी ट्रेलहेड (~8,530 फ़ीट) तक का सफ़र
- हेल्थ बेसलाइन: हर ट्रेकर का SpO₂, पल्स और ब्लड प्रेशर दर्ज किया जाता है – दिन 1 का आधार
- ट्रेक ब्रीफ़िंग: रूट की रूपरेखा, AMS की जानकारी, रोज़ का कार्यक्रम और सुरक्षा नियम
- डिनर से पहले शितकड़ी कैंप के आसपास के जंगल में ओरिएंटेशन वॉक (वैकल्पिक)
- रात का ठहराव: शितकड़ी कैंप (~8,530 फ़ीट) - ऊँचाई के हिसाब से ढलने की पहली रात
दिन 2: शितकड़ी से निचनाई
रूट की जानकारी:
ऊँचाई: ~8,530 फ़ीट → ~11,500 फ़ीट | दूरी: ~10 किमी | समय: 4–5 घंटे | रास्ता: मिला-जुला जंगल, अल्पाइन झाड़ियाँ, खुले मैदान की ओर
दिन 2 सर्किट का पहला असली पैदल दिन है, और यही आगे के दिनों की लय और मिज़ाज तय करता है। शितकड़ी से ट्रेल चीड़ और भोजपत्र के मिले-जुले जंगल से लगातार चढ़ती है, और जैसे-जैसे पेड़ पीछे छूटते हैं, खुला अल्पाइन इलाक़ा शुरू हो जाता है। शुरुआती हिस्सों में नीचे और पीछे सिंध घाटी दिखती है, जिसके खेत और पॉपलर से घिरी सड़कें ऊँचाई बढ़ने के साथ छोटी होती जाती हैं। ट्रीलाइन के ऊपर ट्रेल ऐसे नज़ारों से गुज़रती है जैसे निचली ऊँचाइयों पर कहीं नहीं मिलते: चौड़े, खुले और दूर तक फैले, जहाँ रिज के बीच वह गहरा नीला आसमान दिखता है जो सिर्फ़ 10,000 फ़ीट से ऊपर ही होता है।
निचनाई का रास्ता ऊपरी हिस्से में निचनाई नाले के साथ चलता है, जिसका पानी ऊपर के बर्फ़ीले मैदानों से आता है, ठंडा और तेज़। पहली बार ट्रेक करने वाले इसी दिन अपनी असली लय पाते हैं: कम ऑक्सीजन में लगातार चढ़ाई पर पैर कैसे चलते हैं, पतली हवा में साँस कैसे ढलती है, और शितकड़ी में जो रफ़्तार आरामदायक लगती थी, उसे 10,000 फ़ीट से ऊपर कैसे बदलना पड़ता है। अनुभवी ट्रेकर्स दिन 2 में गियर की फ़िटिंग जाँचते हैं, बदलती ऊँचाई और तापमान के हिसाब से कपड़ों की परतें तय करते हैं, और कश्मीर के अल्पाइन नज़ारों का वह ख़ास मिज़ाज महसूस करते हैं जिसे कोई फ़ोटो पूरी तरह नहीं दिखा सकती।
11,500 फ़ीट पर निचनाई मैदान एक चौड़ा, खुला बेसिन है, जिसके चारों ओर की रिज दिन की आख़िरी रोशनी को सुनहरे, अंबर और गहरे सलेटी रंगों में पकड़ती हैं। कैंपसाइट इतनी बड़ी है कि आसपास के इलाक़े के सामने टेंट छोटे दिखते हैं। कैंप के हर कोने से नाले की आवाज़ सुनाई देती है। जुलाई और अगस्त की शुरुआत में नाले के किनारों पर जंगली फूल घने गुच्छों में खिलते हैं। आज रात सर्किट पूरी तरह शुरू हो चुका है, और कल पहला पास और पहली झील आएगी।
क्या उम्मीद करें:
- पहला पूरा ट्रेकिंग दिन – ~10 किमी, 4–5 घंटे, शितकड़ी से निचनाई तक ~3,000 फ़ीट की चढ़ाई
- 10,000 फ़ीट से ऊपर पेड़ पीछे छूटते हैं और जंगल खुले अल्पाइन इलाक़े में बदल जाता है
- ऊपरी ट्रेल के साथ निचनाई नाला – ग्लेशियर का ठंडा पानी, चढ़ते हुए जिसकी आवाज़ तेज़ होती जाती है
- ऊँचाई बढ़ने के साथ नीचे सिंध घाटी और श्रीनगर बेसिन के नज़ारे
- जुलाई और अगस्त की शुरुआत में निचनाई मैदान में सबसे ज़्यादा जंगली फूल
- रात का ठहराव: निचनाई मैदान कैंप (11,500 फ़ीट)
दिन 3: निचनाई से निचनाई पास होते हुए विशनसर झील
रूट की जानकारी:
ऊँचाई: 11,500 फ़ीट → निचनाई पास (~13,100 फ़ीट) → विशनसर झील (~13,386 फ़ीट) | दूरी: ~12 किमी | समय: 6–7 घंटे | रास्ता: पथरीली चढ़ाई, बर्फ़ के हिस्से, पास की रिज, झील के किनारे तक उतराई
दिन 3 कश्मीर ग्रेट लेक्स सर्किट का पहला यादगार नज़ारा लेकर आता है। रूट निचनाई से लगभग 13,100 फ़ीट पर निचनाई पास तक चढ़ता है, खुली पथरीली ज़मीन और बर्फ़ के टुकड़ों से होकर, जिनका फैलाव मौसम पर निर्भर करता है। ऊँचाई बढ़ने के साथ कश्मीर घाटी के नज़ारे और चौड़े होते जाते हैं। चढ़ाई लगातार है पर ढलान संतुलित है। पास की रिज पर पहुँचते ही हिमालयी ट्रेकिंग के सबसे रोक देने वाले नज़ारों में से एक सामने आता है: नीचे बेसिन में एक साथ दो झीलें।
विशनसर और कृष्णसर जुड़वाँ झीलें हैं, जो ऊपरी घाटी के सिरे पर एक पतली रिज से अलग होती हैं। निचनाई पास से दोनों एक साथ दिखती हैं: पास के बेसिन में लगभग 13,386 फ़ीट पर विशनसर, और बीच की रिज के ठीक पार थोड़ी ऊँचाई पर कृष्णसर। साफ़ सुबह में विशनसर का रंग गहरा, भरपूर कोबाल्ट नीला होता है, निचली ऊँचाइयों पर मिलने वाले किसी भी रंग से अलग। कृष्णसर की सतह पर आसपास के बर्फ़ीले मैदानों की परछाईं दिखती है। एक ही रिज से दिखती दोनों झीलें, पीछे की घाटी के फ़्रेम में, सर्किट का पहला असाधारण नज़ारा हैं। सिर्फ़ यही पिछले दो दिनों की मेहनत को सार्थक कर देता है।
कैंप विशनसर झील के किनारे लगता है, जो भारतीय हिमालय के ट्रेकिंग सर्किट की सबसे बेहतरीन कैंपसाइट्स में से एक है। दोपहर भर रोशनी का कोण बदलने के साथ झील का रंग भी बदलता रहता है: सुबह कोबाल्ट, दोपहर तक फ़िरोज़ी, और ढलती धूप में उथले हिस्सों पर हल्का जेड-हरा। अगर आप दोपहर 3:00 बजे से पहले पहुँच जाएँ, तो डिनर से पहले झील का चक्कर लगाएँ। चक्कर में लगभग 45 मिनट लगते हैं, और हर कोण से पानी, किनारे, आसमान और आसपास की रिज का अलग रिश्ता दिखता है। आज रात सर्किट पूरे ज़ोर पर है।
क्या उम्मीद करें:
- निचनाई पास (~13,100 फ़ीट) तक चढ़ाई – जुलाई में बर्फ़ के हिस्से; फ़्री माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स काम आते हैं
- जुड़वाँ झीलों का पहला नज़ारा: पास की रिज से विशनसर और कृष्णसर दोनों एक साथ दिखती हैं
- विशनसर झील (~13,386 फ़ीट): दोपहर भर गहरे कोबाल्ट से फ़िरोज़ी और जेड रंग में बदलती
- झील किनारे कैंप – सर्किट की सबसे बेहतरीन कैंपसाइट्स में से एक
- समय हो तो डिनर से पहले विशनसर झील का चक्कर (~45 मिनट, समतल रास्ता)
- रात का ठहराव: विशनसर झील किनारे कैंप (~13,386 फ़ीट)
दिन 4: विशनसर झील से गडसर पास होते हुए गडसर झील
रूट की जानकारी:
ऊँचाई: ~13,386 फ़ीट → गडसर पास (~13,800 फ़ीट) → गडसर झील (~11,800 फ़ीट) | दूरी: ~14 किमी | समय: 7–8 घंटे | रास्ता: बर्फ़ पर चढ़ाई, खुली पास रिज, स्क्री और बोल्डर की लंबी उतराई
दिन 4 सर्किट का सबसे कठिन और सबसे यादगार दिन है। लगभग 13,800 फ़ीट पर गडसर पास पूरे कश्मीर ग्रेट लेक्स रूट का सबसे ऊँचा बिंदु है, निचनाई पास से भी ऊँचा, और इसे पार करना ट्रेक का शारीरिक और नज़ारों के लिहाज़ से सबसे अहम हिस्सा है। विशनसर कैंप से सुबह जल्दी, 5:30 बजे तक निकलना होता है, ताकि सुबह की सख़्त बर्फ़ का फ़ायदा मिले और दोपहर में ऊपरी रिज पर बादल और हवा बढ़ने से पहले ग्रुप पास पार करके उतराई पूरी कर ले।
विशनसर से चढ़ाई खुली पथरीली ज़मीन और बर्फ़ीले मैदानों से लगातार ऊँचाई हासिल करती है, फिर गडसर पास तक का आख़िरी हिस्सा खड़ा हो जाता है। ट्रेकिंग ग्रुप के निकलने से पहले Trekkaro की टेक्निकल टीम पास के सबसे खड़े हिस्से पर फ़िक्स्ड रस्सियाँ लगाती है। इससे सबसे मुश्किल हिस्से में पकड़ने के लिए लगातार रस्सी मिलती है, और जो बर्फ़ पर सचमुच जोखिम भरा रास्ता होता, वह भरोसे से पार होने वाली चढ़ाई बन जाता है। हर ट्रेकर रस्सी का इस्तेमाल करता है। गाइड सबसे आगे चलता है। ग्रुप एक-एक करके आगे बढ़ता है।
गडसर पास की रिज से ऐसा पैनोरमिक नज़ारा मिलता है जिसे अनुभवी ट्रेकर्स भारतीय हिमालय के सबसे बेहतरीन नज़ारों में गिनते हैं। दक्षिण और पश्चिम में पूरी गहराई के साथ कश्मीर घाटी: जंगलों से ढकी रिज, घाटी का तल, और क्षितिज पर कश्मीर हिमालय। साफ़ दिनों में उत्तर और पूर्व में लद्दाख और ज़ांस्कर की पर्वतमालाएँ, नज़र की आख़िरी हद पर चोटियों की सफ़ेद दीवार जैसी। पास की रिज से कश्मीर के हरे-भरे इलाक़े और लद्दाख के ऊँचे रेगिस्तान के बीच की सीमा एक साफ़ रेखा की तरह दिखती है। दो दुनिया। एक रिज। और आप दोनों के बीच खड़े हैं।
गडसर पास से गडसर झील तक की उतराई लंबी और थकाने वाली है, जिसमें घाटी का तल समतल होने से पहले लगभग 2,000 फ़ीट स्क्री, बोल्डर और कहीं-कहीं बर्फ़ है। लगभग 11,800 फ़ीट पर गडसर झील एक बंद बेसिन में मोरेन की दीवार के नीचे है: इसकी सतह सातों झीलों में सबसे गहरी नीली, आसपास कोई हरियाली नहीं, और ऐसी गहरी ख़ामोशी जो विशनसर की तरफ़ कहीं नहीं मिलती। गडसर कैंप सर्किट की सबसे दूर-दराज़ रात है। यहाँ इंसानी रोशनी से दूर अंधेरा पूरा होता है। अच्छी नींद लें। सबसे कठिन दिन पीछे छूट चुका है।
क्या उम्मीद करें:
- सुबह 5:30 बजे जल्दी निकलना – सख़्त बर्फ़ और दोपहर से पहले का अच्छा मौसम
- गडसर पास (~13,800 फ़ीट) – सर्किट का सबसे ऊँचा बिंदु, ट्रेक की सबसे कठिन चढ़ाई
- पास के नीचे सबसे खड़े बर्फ़ीले हिस्से पर Trekkaro की टेक्निकल टीम द्वारा फ़िक्स्ड रस्सियाँ (ज़रूरत होने पर)
- पास से पैनोरमिक नज़ारे: साफ़ दिनों में कश्मीर घाटी और लद्दाख/ज़ांस्कर पर्वतमालाएँ एक साथ
- गडसर झील तक स्क्री और बोल्डर की लंबी उतराई (~2,000 फ़ीट) – ट्रेकिंग पोल ज़रूरी
- गडसर झील (~11,800 फ़ीट): सर्किट का सबसे गहरा नीला रंग, सबसे दूर-दराज़ और सादी कैंपसाइट
- रात का ठहराव: गडसर घाटी कैंप – पूरा अंधेरा, पूरी ख़ामोशी, पूरा एकांत
दिन 5: गडसर झील से सतसर झील
रूट की जानकारी:
ऊँचाई: ~11,800 फ़ीट → सतसर (~12,400 फ़ीट) | दूरी: ~10 किमी | समय: 5–6 घंटे | रास्ता: खुली टुंड्रा घाटी, हल्की ऊँच-नीच, सतसर झीलों तक मैदानी रास्ता
दिन 4, जिसमें भारी शारीरिक और मानसिक मेहनत लगती है, उसके बाद दिन 5 सर्किट का सबसे सधा हुआ और सुकून भरा पड़ाव है। गडसर से सतसर की ट्रेल खुली घाटी में पूर्व की ओर टुंड्रा इलाक़े से होकर हल्की, आराम की ढलान पर चलती है। शरीर अब ऊँचाई और कई दिनों के ट्रेक की लय में पूरी तरह ढल चुका होता है, और इस दिन वह ऐसे भरोसे और सहजता से चलता है जो दिन 1 और 2 में अभी नहीं था।
नज़ारे लगातार ख़ुश करते रहते हैं: चौड़े घाटी-तल, और रिज के बीच ऐसा नीला आसमान जो समुद्र तल पर कभी नहीं दिखता। न पेड़, न गाड़ियों की आवाज़, न ग्रुप के अलावा कोई इंसानी शोर। सर्किट के इस हिस्से की ख़ामोशी इस रूट के सबसे अनोखे और मन साफ़ करने वाले अनुभवों में से है। कई ट्रेकर्स इस दिन अब तक के अनुभवों को मन में उतारते हैं, जुड़वाँ झीलें, पास पार करना और गडसर बेसिन, और दिन 6 पर आने वाले ज़ाज पास और गंगाबल के लिए शरीर और मन से तैयार होते हैं।
सतसर एक झील नहीं, बल्कि सात छोटी झीलों की कड़ी है, जो धाराओं से जुड़ी हैं और घास वाली रिज से अलग होती हैं। यह ग्लेशियर के मोरेन और घाटी के पानी के बहाव के मेल से बनी भूगर्भीय बनावट है, जो कश्मीर हिमालय के इसी हिस्से में मिलती है। सतसर झीलों के बीच से गुज़रना पिछले दिनों के एक-झील वाले नाटकीय पलों से अलग अनुभव है: उसी ऊँचाई पर पानी और नज़ारों के साथ धीमा, ज़्यादा क़रीबी जुड़ाव। सातों झीलें आकार, रंग और मिज़ाज में एक-दूसरे से अलग हैं। मुख्य सतसर झील की कैंपसाइट एक चौड़े, समतल मैदान में है, चारों तरफ़ चोटियाँ और मैदान के किनारों पर बहते पानी की आवाज़।
क्या उम्मीद करें:
- सधा हुआ रिकवरी दिन – गडसर पास के बाद हल्की ढलान, शरीर सर्किट की लय में ढलता है
- खुली टुंड्रा में पैदल चलना, घाटी के चौड़े नज़ारे और पहाड़ों की लगातार ख़ामोशी
- सतसर झीलें: आपस में जुड़ी सात अल्पाइन झीलें – कश्मीर घाटी की अनोखी भूगर्भीय बनावट
- आगे बढ़ते हुए हर झील आकार, गहराई, रंग और मिज़ाज में अलग दिखती है
- रात का ठहराव: सतसर मैदान कैंप (~12,400 फ़ीट), चारों तरफ़ चोटियों के नज़ारे
दिन 6: सतसर झील से ज़ाज पास होते हुए गंगाबल झील
रूट की जानकारी:
ऊँचाई: ~12,400 फ़ीट → ज़ाज पास → गंगाबल झील (3,501 मीटर / 11,486 फ़ीट) | दूरी: ~10 किमी | समय: 5–6 घंटे | रास्ता: पास की चढ़ाई, पथरीली रिज, झील के बेसिन तक उतराई
दिन 6 सर्किट का भावनात्मक और नज़ारों का शिखर है। रूट ज़ाज पास पार करके गंगाबल बेसिन में उतरता है, जो हरमुख चोटी (5,142 मीटर) के दक्षिणी मुख के नीचे बना ग्लेशियर का सर्क है। हरमुख कश्मीर हिमालय की अहम चोटियों में से एक है। ज़ाज पास तकनीकी रूप से गडसर पास से आसान है, पर नज़ारों में किसी से कम नहीं: रिज से नीचे गंगाबल बेसिन खुलता है, सर्क के तल में दोनों झीलें दिखती हैं, और उनके ठीक पीछे हरमुख चट्टान और बर्फ़ की अटूट दीवार की तरह खड़ा है।
गंगाबल झील सर्क के तल में 3,501 मीटर (11,486 फ़ीट) पर है, और इसकी सतह बंद बेसिन की पूरी चौड़ाई में फैली है। ठीक बगल में थोड़ी ऊँचाई पर नुंदकोल झील है, जो एक छोटी मोरेन रिज से अलग होती है, जिसे पार करने में लगभग 10 मिनट लगते हैं। हरमुख के ठीक नीचे ये दोनों झीलें मिलकर वह नज़ारा बनाती हैं जिसे अनुभवी ट्रेकर्स भारतीय हिमालयी ट्रेकिंग का सबसे बेहतरीन नज़ारा बताते हैं। शांत सुबहों में गंगाबल की सतह पर पहाड़ की परछाईं आईने जैसी साफ़ दिखती है, इतनी कि परछाईं चट्टान से भी ज़्यादा ठोस लगती है। ट्रेकर्स गंगाबल पहुँचकर बीच क़दम पर ठिठक जाते हैं। थकान से नहीं। नज़ारे से।
दिन 6 छोटा पैदल दिन है, लगभग 10 किमी, 5 से 6 घंटे, ताकि दोपहर में समय रहते गंगाबल पहुँचा जा सके। डिनर से पहले गंगाबल झील के किनारे बिताए दो घंटे पूरी तरह वसूल होते हैं: झील का चक्कर लगाएँ, मोरेन रिज पार करके नुंदकोल जाएँ, हरमुख को सामने रखकर पानी के किनारे बैठें, और हिमालय की सबसे असाधारण जगहों में से एक में बिना जल्दबाज़ी के ठहरें। गंगाबल की शाम शांत होती है। बातचीत होती भी है, तो वैसी जो ऐसी ही जगहों पर होती है।
क्या उम्मीद करें:
- ज़ाज पास पार करना – सर्किट का तीसरा और आख़िरी बड़ा पास, नीचे गंगाबल बेसिन के नज़ारे
- गंगाबल झील (3,501 मीटर / 11,486 फ़ीट) तक उतराई – सर्किट का भावनात्मक और नज़ारों का शिखर
- गंगाबल + नुंदकोल: ग्लेशियर के सर्क में हरमुख चोटी (5,142 मीटर) के नीचे बगल-बगल दो झीलें
- शांत सुबहों में गंगाबल की सतह पर हरमुख की परछाईं – भारतीय ट्रेकिंग का सबसे बेहतरीन नज़ारा माना जाता है
- छोटा पैदल दिन (~10 किमी, 5–6 घंटे) ताकि दोपहर में झील किनारे समय मिले
- मोरेन रिज पार करके नुंदकोल जाएँ – गंगाबल से 10 मिनट की वॉक, सर्क का अलग नज़ारा
- रात का ठहराव: गंगाबल झील किनारे कैंप (3,501 मीटर / 11,486 फ़ीट) - सर्किट की सबसे यादगार रात
दिन 7: गंगाबल से नारानाग और श्रीनगर का सफ़र
रूट की जानकारी:
ऊँचाई: 3,501 मीटर (11,486 फ़ीट) → नारानाग (7,200 फ़ीट) | दूरी: ~11 किमी | समय: 5–6 घंटे | फिर: नारानाग → श्रीनगर का सफ़र (~55 किमी, ~2 घंटे)
गंगाबल के बाद की सुबह सर्किट की बाक़ी सभी सुबहों से अलग होती है। आप 3,501 मीटर पर हैं, ट्रीलाइन से ऊपर, सर्क की पूरी ख़ामोशी में। सुबह की रोशनी में कैंप के ऊपर हरमुख दिखता है, और झील की सतह पर आसमान का वह रंग होता है जो भोर में सूरज का कोण बदलने से पहले सिर्फ़ लगभग 20 मिनट टिकता है। ज़्यादातर ट्रेकर्स गाइड के नाश्ते के लिए बुलाने से पहले ही बाहर होते हैं। किसी काम से नहीं। इसलिए कि यह नज़ारा एक ठीक-ठाक विदाई का हक़दार है।
गंगाबल से नारानाग की उतराई वांगथ नाले के साथ नीचे की ओर, धीरे-धीरे घने होते जंगल से गुज़रती है। इस उतराई में नज़ारों का बदलना दिन 2 को उल्टा दोहराता है: ऊँचे कैंप का खुला अल्पाइन इलाक़ा पहले बुरांश की झाड़ियों में, फिर भोजपत्र और चीड़ में, और फिर निचली घाटी के घने शंकुधारी जंगल में बदल जाता है। हवा धीरे-धीरे गर्म होती है। पक्षी लौट आते हैं। नाला तेज़ और ज़्यादा साफ़ दिखने लगता है। आप नीचे की दुनिया में लौट रहे हैं, और जंगल आपको उसी इत्मीनान से वापस अपनाता है जिससे पाँच दिन पहले शितकड़ी में उसने आपको विदा किया था।
लगभग 7,600 फ़ीट पर ट्रेल नारानाग मंदिर परिसर से गुज़रती है, पत्थर की इमारतों और खंडहरों का समूह जो 8वीं सदी ईसवी का है और दो पहाड़ी धाराओं के संगम पर बना है। ये खंडहर कश्मीर ग्रेट लेक्स रूट की गिनी-चुनी अहम ऐतिहासिक जगहों में से हैं, और पूरी तरह प्राकृतिक नज़ारों वाले सर्किट के अंत में इनका होना आख़िरी उतराई को एक अनोखा आयाम देता है। आप सिर्फ़ ऊँचाई से नीचे नहीं उतर रहे, बल्कि एक दुनिया से कहीं ज़्यादा पुरानी दुनिया में उतर रहे हैं। 7,200 फ़ीट पर नारानाग गाँव ट्रेक का अंत है। यहाँ शेयर्ड कैब ग्रुप से मिलती है, जिसका भुगतान सीधे ड्राइवर को होता है, और 2 घंटे में श्रीनगर वापस पहुँचाती है।
क्या उम्मीद करें:
- गंगाबल में आख़िरी भोर – पहली रोशनी में हरमुख की परछाईं, कोण बदलने से पहले 20 मिनट का समय
- 3,501 मीटर से नारानाग (7,200 फ़ीट) तक 11 किमी की उतराई, बदलते जंगलों के बीच से
- उतराई के ज़्यादातर हिस्से में ट्रेल के साथ वांगथ नाला – ऊँचाई घटने के साथ आवाज़ तेज़ और मौसम गर्म
- नारानाग मंदिर के खंडहर (8वीं सदी ईसवी, ~7,600 फ़ीट) – आख़िरी हिस्से में दुर्लभ ऐतिहासिक जगह
- नारानाग गाँव से शेयर्ड कैब, जहाँ ट्रेक आधिकारिक रूप से ख़त्म होता है
- श्रीनगर का सफ़र: ~55 किमी, ~2 घंटे। देर दोपहर पहुँचना। ट्रेक पूरा करने के सर्टिफ़िकेट दिए जाते हैं।
दिन 8: बफ़र दिन
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर बफ़र दिन क्यों रखें?
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक भारत के सबसे बेहतरीन ऊँचाई वाले ट्रेक्स में से एक है, पर इसका दूर-दराज़ हिमालयी इलाक़ा समझदारी भरी योजना माँगता है। अनुभवी ट्रेकर्स और ट्रैवल विशेषज्ञ जिन बातों की सबसे ज़्यादा सलाह देते हैं, उनमें से एक क्या है? अपने ट्रेक के अंत में एक बफ़र दिन रखें।
बफ़र दिन क्या है, और यह क्यों ज़रूरी है?
बफ़र दिन आपके कार्यक्रम में जोड़ा गया एक लचीला अतिरिक्त दिन है, जो सुरक्षा के लिए रखा जाता है। कश्मीर ग्रेट लेक्स जैसे ट्रेक पर, जहाँ आप उपमहाद्वीप के सबसे तेज़ी से बदलने वाले पहाड़ी इलाक़ों में 4,000 मीटर से ऊपर चलते हैं, यह लचीलापन कोई ऐश नहीं; यह यात्रा की ज़रूरी योजना है।
इसकी वजहें:
पहाड़ों का अनिश्चित मौसम: कश्मीर हिमालय अचानक बदलते मौसम के लिए जाना जाता है। भारी बारिश, अचानक बर्फ़बारी या रास्ता रोकने वाले भूस्खलन बिना किसी चेतावनी के ग्रुप की रफ़्तार रोक सकते हैं। बफ़र दिन इन रुकावटों को संभाल लेता है, ताकि आपकी पूरी वापसी की यात्रा गड़बड़ न हो।
सुरक्षित एक्लिमेटाइज़ेशन: हर ट्रेकर का शरीर ऊँचाई पर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है। अगर आपके ग्रुप को ठीक से ढलने और ऊँचाई की बीमारी से बचने के लिए एक अतिरिक्त दिन चाहिए, तो बफ़र दिन यह पक्का करता है कि आपको अपनी सेहत और अपने शेड्यूल में से किसी एक को चुनना न पड़े।
आगे की यात्रा की सुरक्षा: श्रीनगर से कनेक्टिंग फ़्लाइट या ट्रांसपोर्ट छूट जाना तनाव भरा और महँगा अनुभव है। बफ़र दिन ट्रेक के अंत और आपकी वापसी की यात्रा के बीच एक भरोसेमंद समय देता है, ताकि आप एयरपोर्ट घबराहट में नहीं, आराम से पहुँचें।
अगर बफ़र दिन की ज़रूरत न पड़े तो?
अच्छी ख़बर – कश्मीर में बचा हुआ बफ़र दिन कभी बेकार नहीं जाता। इसे श्रीनगर में बिताएँ:
- पारंपरिक शिकारे में डल झील की सैर करें
- ख़ूबसूरत मुग़ल बाग़ों में घूमें — शालीमार बाग़, निशात बाग़ और चश्मे शाही
- पुराने शहर की वास्तुकला, हस्तशिल्प बाज़ार और मसाला बाज़ार देखें
बफ़र दिन का खर्च
अगर ट्रेक में देरी के कारण बफ़र दिन इस्तेमाल होता है, तो प्रति व्यक्ति प्रति दिन ₹2,500 का अतिरिक्त शुल्क लगता है, जिसमें खाना, ठहरना और स्टाफ़ का खर्च शामिल है। इस्तेमाल न होने पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं।
ज़रूरी यात्रा सलाह: श्रीनगर से वापसी के टिकट बुक करते समय इस बफ़र दिन का हमेशा ध्यान रखें। अगर आपका शेड्यूल तंग है, तो वापसी के लिए लचीले या रिफ़ंड होने वाले टिकट लें। ऊँचाई वाले ट्रेक्स पर बिना बदलाव वाली बुकिंग ऐसा जोखिम है जो लेने लायक नहीं।
समझदार ट्रेकर्स अनचाही स्थितियों के लिए पहले से तैयारी करते हैं। पहाड़ अपने समय से चलते हैं – आपका कार्यक्रम भी वैसा ही होना चाहिए।
कैसे पहुँचें
नज़दीकी एयरपोर्ट: श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (SXR), दिल्ली (लगभग 1 घंटा 20 मिनट) और दूसरे बड़े शहरों से सीधी फ़्लाइट। ट्रेक से कम से कम एक दिन पहले पहुँचें, ताकि फ़्लाइट लेट होने पर TRC से दोपहर 12:00 बजे की रवानगी न छूटे।
श्रीनगर से शितकड़ी: सड़क से 85 किमी, लगभग 3 घंटे। गाड़ी की व्यवस्था टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (TRC), श्रीनगर से दोपहर 12:00 बजे होती है; कैब का किराया ₹8,500 प्रति गाड़ी (आना-जाना) है, भुगतान सीधे ड्राइवर को, और यह एक ही गाड़ी (5–6 सीट) के ट्रेकर्स में बँटता है।
वापसी: आख़िरी दिन आप गंगाबल झील से नारानाग तक 11 किमी (5–6 घंटे) उतरते हैं, फिर 55 किमी (लगभग 2 घंटे) गाड़ी से श्रीनगर जाते हैं, यानी शाम तक श्रीनगर पहुँचेंगे। घर की फ़्लाइट दिन 9 की बुक करें, या दिन 8 (बफ़र दिन) के लिए फ़्लेक्सिबल या रिफ़ंडेबल फ़्लाइट लें।
नज़दीकी रेलवे स्टेशन: श्रीनगर। श्री माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच वंदे भारत ट्रेनें चलती हैं (सफ़र लगभग 3 घंटे), इसलिए अब आप पूरा रास्ता ट्रेन से आ सकते हैं: दिल्ली से ट्रेन से कटरा (या जम्मू तवी) पहुँचें, फिर आगे श्रीनगर जाएँ। ट्रेक से एक दिन पहले श्रीनगर पहुँचने की योजना बनाएँ।
- दिल्ली → कटरा या जम्मू तवी – नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन से ट्रेनें, रात की ट्रेनें भी; ताज़ा समय देख लें।
- कटरा → श्रीनगर – वंदे भारत, लगभग 3 घंटे; ताज़ा समय देख लें और पहले से बुक करें।
श्रीनगर से शितकड़ी: सड़क से 85 किमी, लगभग 3 घंटे। गाड़ी की व्यवस्था टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (TRC), श्रीनगर से दोपहर 12:00 बजे होती है; कैब का किराया ₹8,500 प्रति गाड़ी (आना-जाना) है, भुगतान सीधे ड्राइवर को, और यह एक ही गाड़ी (5–6 सीट) के ट्रेकर्स में बँटता है।
वापसी: आख़िरी दिन आप गंगाबल झील से नारानाग तक 11 किमी (5–6 घंटे) उतरते हैं, फिर 55 किमी (लगभग 2 घंटे) गाड़ी से श्रीनगर जाते हैं, यानी शाम तक श्रीनगर पहुँचेंगे। घर की ट्रेन दिन 9 की बुक करें, या दिन 8 (बफ़र दिन) के लिए फ़्लेक्सिबल या रिफ़ंडेबल टिकट लें।
सड़क से: दिल्ली से श्रीनगर NH44 पर पठानकोट, जम्मू, उधमपुर और बनिहाल सुरंग होते हुए लगभग 876 किमी है – यह 2 दिन का लंबा सफ़र है, एक रात की ड्राइव नहीं। आसान तरीक़ा है दिल्ली से जम्मू रात भर बस या ट्रेन से, फिर अगले दिन कैब से या कटरा–श्रीनगर ट्रेन से श्रीनगर। मौसम की वजह से हाईवे बंद हो सकता है, इसलिए निकलने से पहले सड़क की स्थिति पक्की कर लें।
श्रीनगर से शितकड़ी: सड़क से 85 किमी, लगभग 3 घंटे। गाड़ी का इंतज़ाम टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (TRC), श्रीनगर से दोपहर 12:00 बजे होता है; कैब का किराया ₹8,500 प्रति गाड़ी (आना-जाना) है, जो सीधे ड्राइवर को दिया जाता है और उसी गाड़ी के ट्रेकर्स (5–6 सीटें) में बँटता है।
वापसी: आख़िरी दिन आप गंगाबल झील से नारानाग तक 11 किमी (5–6 घंटे) उतरते हैं, फिर श्रीनगर तक 55 किमी (लगभग 2 घंटे) की ड्राइव है, इसलिए शाम तक श्रीनगर पहुँचने की उम्मीद रखें। श्रीनगर से आगे का सफ़र दिन 9 के लिए बुक करें, या दिन 8 (बफ़र दिन) के लिए फ़्लेक्सिबल या रिफ़ंडेबल टिकट लें।
क्या ले जाएँ
ग्रेट लेक्स का रास्ता जुलाई से सितंबर के मध्य तक के मौसम में 7 दिनों में तीन ऊँचे पास और कई नाले पार करता है, इसलिए अपना अच्छी तरह आज़माया हुआ गियर लाएँ।
- ट्रेकिंग जूते (अपने लाएँ) – वॉटरप्रूफ़, टखने को सहारा देने वाले और अच्छी पकड़ वाले, ट्रेक से पहले पहनकर आदत डाले हुए; 7 दिन की पथरीली, गीली और कहीं-कहीं बर्फ़ीली ट्रेल नए जूतों के लिए मुश्किल होती है।
- ट्रेकिंग पोल (अपने लाएँ) – एक जोड़ी, नाले पार करने, गडसर पास की उतराई और आख़िरी दिन नारानाग तक की लंबी उतराई के लिए।
- माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स – मुफ़्त मिलते हैं (न डिपॉज़िट, न कोई शुल्क); पास की चढ़ाई पर बर्फ़ के टुकड़ों और उतराई की ढीली ज़मीन के लिए।
- बैकपैक (50–60 L) – रेन कवर के साथ; अंदर से भी प्लास्टिक बैग की परत लगाएँ।
- डे पैक (20–30 L) – मुख्य बैकपैक ऑफ़लोड करने पर ज़रूरी; पास वाले दिनों में पानी, रेन जैकेट और स्नैक्स के लिए।
- दो पानी की बोतलें (1 L की) – एक इंसुलेटेड, ठंडी सुबह जल्दी निकलने के लिए।
- हेडलैंप – अतिरिक्त बैटरी के साथ, गडसर पास वाले दिन सुबह 5:30 बजे की शुरुआत और रात में कैंप के लिए।
- लंच बॉक्स – दोबारा इस्तेमाल होने वाला और लीक-प्रूफ़, लंबे दिनों के पैक्ड लंच के लिए।
जुलाई–अगस्त में ट्रेल पर बारिश की बौछारें पड़ती हैं और ऊँची झीलों वाले कैंपों पर रातें ठंडी होती हैं, इसलिए गर्म कपड़ों की 3 लेयर और बारिश से पूरी सुरक्षा रखें।
- पैडेड या डाउन जैकेट (अपनी लाएँ) – गडसर पास (13,800 फ़ीट) और सतसर व गंगाबल की शामों के लिए आपकी मुख्य गर्म लेयर।
- थर्मल इनर – ऊपर और नीचे, 2 सेट, सिंथेटिक या मेरिनो; ऊँचाई पर कॉटन से बचें।
- फ़्लीस जैकेट – 200–300 gsm की बीच वाली लेयर, आराम के समय और ठंडी सुबह के लिए।
- रेन जैकेट और रेन पैंट (या पोंचो) – जुलाई–अगस्त में ज़रूरी, रास्ते की बारिश, पास पार करते समय और सुबह जल्दी निकलने के लिए।
- ट्रेक पैंट x2 – जल्दी सूखने वाली, जींस नहीं; कैंप के लिए फ़्लीस लाइनिंग वाली गर्म ट्राउज़र भी रखें।
- जल्दी सूखने वाली कॉलर टी-शर्ट x3 – पूरी बाँह की, धूप और हवा से बचाती हैं।
- मोज़े x4 जोड़ी – सिंथेटिक या ऊनी ट्रेकिंग मोज़े, साथ में रात के लिए सूखी रखी एक ऊनी जोड़ी; नाले पार करते समय वॉटरप्रूफ़ मोज़े काम आते हैं।
पास पर और झीलों के आसपास धूप और हवा तेज़ होती है, और बारिश अचानक आ सकती है, इसलिए ये चीज़ें हाथ के पास रखें।
- सन कैप – चौड़े किनारे वाली या गर्दन ढकने वाली।
- ऊनी टोपी – कानों को ढकने वाली; 12,000 फ़ीट से ऊपर और गडसर पास पर ज़रूरी।
- बफ़ या नेक गेटर – पास की खुली रिज पर हवा से बचाव।
- दस्ताने – फ़्लीस लाइनर और एक वॉटरप्रूफ़ बाहरी जोड़ी; गडसर पास वाले दिन दोनों चाहिए।
- UV धूप का चश्मा – कैटेगरी 3–4, बर्फ़ के टुकड़ों की चमक और ऊँचाई की तेज़ धूप से बचाव के लिए।
- सनस्क्रीन SPF 50+ और लिप बाम – सभी 7 दिन हर 2 घंटे में दोबारा लगाएँ।
- जल्दी सूखने वाला तौलिया और टॉयलेटरीज़ – बायोडिग्रेडेबल साबुन, टूथब्रश और टूथपेस्ट; वेट वाइप्स नहीं, क्योंकि वे बायोडिग्रेडेबल नहीं होते।
- प्लास्टिक या ज़िपलॉक बैग – 4–5, गीले कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक्स और अपने कचरे के लिए।
7 दिन ट्रेल पर चार्जिंग नहीं है और पहाड़ों में कार्ड नहीं चलते, इसलिए ये चीज़ें श्रीनगर में ही तैयार कर लें।
- निजी मेडिकल किट – आपकी रोज़ की दवाएँ, छालों की पट्टी, दर्द की दवा और ORS; ट्रेक से पहले डॉक्टर से सलाह लें, Diamox के बारे में भी।
- स्नैक्स और इलेक्ट्रोलाइट – मेवे, सूखे फल, एनर्जी बार, डार्क चॉकलेट और इलेक्ट्रोलाइट पाउच, ख़ास तौर पर गडसर दर्रे वाले दिन के लिए।
- पावर बैंक – इतनी क्षमता वाला कि बिना चार्जिंग के 7 दिन चल सके।
- कैश – छोटे नोटों में; पहाड़ों में ATM बहुत कम हैं और कार्ड नहीं चलते, इसलिए श्रीनगर में ही पैसे निकालें और कैब किराए का अपना हिस्सा तैयार रखें।
- कैंप चप्पल या सैंडल – हल्की, कैंप और टेंट के अंदर के लिए।
- कचरा बैग – Trekkaro ज़ीरो-वेस्ट नीति मानता है; अपनी सारी पैकिंग स्वच्छ भारत बैग में वापस लेकर आएँ।
- इयरप्लग – वैकल्पिक, शेयर्ड टेंट में काम के।
- सरकारी फ़ोटो पहचान पत्र – ओरिजिनल और एक फ़ोटोकॉपी (आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर ID या ड्राइविंग लाइसेंस)।
- पासपोर्ट – विदेशी ट्रेकर्स के लिए, वन प्रवेश परमिट और किसी भी मेडिकल इवैक्युएशन के लिए ज़रूरी।
- मेडिकल सर्टिफ़िकेट – डॉक्टर के हस्ताक्षर वाला; हर ट्रेकर के लिए अनिवार्य। फ़ॉर्म My Bookings में है।
- ट्रैवल इंश्योरेंस – इमरजेंसी इवैक्युएशन कवर वाली पॉलिसी का कागज़ (अनिवार्य)।
- डिस्क्लेमर फ़ॉर्म – हस्ताक्षर किया हुआ, इमरजेंसी संपर्क की जानकारी के साथ।
- Trekkaro बुकिंग कन्फ़र्मेशन – ई-टिकट / टैक्स इनवॉइस।
सवाल-जवाब
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक गांदरबल, जम्मू और कश्मीर में 7 दिन का मध्यम–कठिन ट्रेक है, जो 4,206 मीटर (13,800 फ़ीट) तक जाता है। इसमें लगभग 67 किमी पैदल चलना होता है और यह शितकड़ी से शुरू होकर Naranag पर ख़त्म होता है। सबसे अच्छा समय: जुलाई से सितंबर। Trekkaro की क़ीमत: ₹19,500 प्रति व्यक्ति + 5% GST, माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स मुफ़्त उधार (कोई डिपॉज़िट या शुल्क नहीं); ट्रेकिंग जूते, जैकेट और पोल अपने लाएँ। अगला बैच: 3 जुलाई 2027 (22 आने वाले बैच)।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक जम्मू और कश्मीर के गांदरबल ज़िले में है। यह शितकड़ी से शुरू होता है, जो श्रीनगर से सड़क से 85 किमी (लगभग 3 घंटे) है, और नारानाग पर ख़त्म होता है, जो श्रीनगर से 55 किमी (लगभग 2 घंटे) है।
रास्ते में यह तीन पास पार करता है और विशनसर से गंगाबल तक ऊँची अल्पाइन झीलों की एक श्रृंखला के किनारे कैंप करता है।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक श्रीनगर से श्रीनगर 7 दिन का है और इसमें लगभग 67 किमी चलना होता है; ज़रूरत पड़ने पर दिन 8 बफ़र दिन के रूप में रखा जाता है।
- दिन 1: श्रीनगर से शितकड़ी का सफ़र (85 किमी, लगभग 3 घंटे)
- दिन 2–6: निचनाई, विशनसर, गडसर, सतसर और गंगाबल होते हुए रोज़ 10–14 किमी
- दिन 7: नारानाग तक 11 किमी उतराई, फिर श्रीनगर तक 2 घंटे का सफ़र
- सबसे लंबा दिन: दिन 4 को गडसर पास पार करते हुए 7–8 घंटे में 14 किमी
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक का सबसे ऊँचा बिंदु गडसर पास है, 4,206 मीटर (13,800 फ़ीट)। ट्रेक शितकड़ी (2,600 मीटर / 8,530 फ़ीट) से शुरू होकर नारानाग (7,200 फ़ीट) पर ख़त्म होता है।
- निचनाई पास: 3,990 मीटर (13,100 फ़ीट)
- सबसे ऊँचा कैंप: विशनसर झील, 4,080 मीटर (13,386 फ़ीट)
- बाक़ी कैंप: निचनाई 3,510 मीटर, गडसर 3,600 मीटर, सतसर 3,780 मीटर और गंगाबल 3,501 मीटर
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक का ग्रेड मध्यम–कठिन है। यह लंबा ट्रेक है (7 दिन, लगभग 67 किमी) और तीन पास पार करता है, जिसमें खड़ी चढ़ाई और उतराई, बर्फ़ वाले हिस्से और कई नाले पार करने होते हैं।
- गडसर पास वाला दिन: 7–8 घंटे में 14 किमी, सुबह 5:30 बजे शुरुआत, और ज़रूरत हो तो सबसे खड़ी बर्फ़ पर रस्सियाँ
- उतराई: गडसर झील तक स्क्री और बड़े पत्थरों पर लगभग 2,000 फ़ीट नीचे, और आख़िरी दिन नारानाग तक 11 किमी उतराई
- मौसम: जुलाई और अगस्त में बारिश की बौछारों से ट्रेल गीली रहती है
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पहले ट्रेक के लिए सबसे आसान नहीं है, लेकिन फ़िट शुरुआती ट्रेकर्स सही तैयारी के साथ इसे पूरा कर सकते हैं। यह 7 दिन का है, रोज़ 4–8 घंटे चलना होता है और 13,000 फ़ीट से ऊपर के तीन दर्रे हैं।
अगर यह आपका पहला हिमालय ट्रेक है, तो ट्रेनिंग काफ़ी पहले शुरू करें और अपने सफ़र की योजना में बफ़र दिन खाली रखें।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक के लिए अच्छी फ़िटनेस चाहिए: आपको लगातार छह दिन रोज़ 4–8 घंटे चल पाना चाहिए, खड़ी ढलानें चढ़ पानी चाहिए और ऊँचाई पर सहज रहना चाहिए।
- ट्रेनिंग: ट्रेक से पहले के हफ़्तों में नियमित सैर, सीढ़ियों या चढ़ाई वाली हाइक से शारीरिक और मानसिक तैयारी करें
- सबसे कठिन दिन: गडसर पास, बर्फ़ और लंबी उतराई के साथ 14 किमी
- फ़िटनेस टेस्ट: Trekkaro वेबसाइट पर 2 मिनट का मुफ़्त Am I Ready? टेस्ट दें
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक जुलाई से सितंबर के मध्य तक चलता है। दिन 8–22°C के साथ सुहाने रहते हैं, पर झीलों वाले कैंपों पर रातें ठंडी हो जाती हैं।
- जुलाई: निचनाई पास पर बर्फ़ वाले हिस्से बचे रहते हैं, और निचनाई के मैदान में जुलाई से अगस्त की शुरुआत तक जंगली फूल सबसे ज़्यादा खिलते हैं
- अगस्त: बारिश की बौछारें आम हैं, इसलिए बारिश का पूरा गियर साथ रखें
- सितंबर: रातें ज़्यादा ठंडी, और अक्टूबर के मध्य से ताज़ा बर्फ़बारी दर्रों को बंद कर सकती है
हाँ। जुलाई में कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर निचनाई दर्रे पर और गडसर दर्रे की चढ़ाई पर बर्फ़ के हिस्से होते हैं, जहाँ आप मुफ़्त मिलने वाले माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स पहनते हैं।
- गडसर पास: बर्फ़ पर चढ़ाई, ज़रूरत पड़ने पर सबसे खड़े हिस्से पर फ़िक्स्ड रस्सियाँ
- गेटर्स और माइक्रोस्पाइक्स: बर्फ़ वाले हिस्सों के लिए मुफ़्त दिए जाते हैं
- मौसम का आख़िरी हिस्सा: मध्य अक्टूबर से ताज़ा बर्फ़बारी दर्रों को बंद कर सकती है
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर दिन सुहावने रहते हैं, लगभग 8°C से 22°C, लेकिन रातें जल्दी ठंडी हो जाती हैं: जुलाई की शुरुआत में -5°C से -2°C, जुलाई के मध्य से अगस्त तक 2°C से 8°C, और अगस्त के आख़िर से सितंबर के मध्य तक -1°C से 4°C।
- लेयर्स: 3 गर्म लेयर: थर्मल, एक फ़्लीस और एक पैडेड या डाउन जैकेट
- सबसे ठंडी जगहें: गडसर पास (13,800 फ़ीट) और सतसर व गंगाबल की शामें
- बारिश: रेन जैकेट और रेन पैंट, क्योंकि जुलाई और अगस्त में बौछारें आम हैं
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर आप विशनसर, किशनसर, गडसर, सतसर की कड़ी, गंगाबल और नुंदकोल झीलें देखते हैं, और आख़िरी दो के ऊपर हरमुख चोटी (5,142 मीटर)।
- विशनसर और किशनसर: जुड़वाँ झीलें, दोनों निचनाई दर्रे की रिज से दिखती हैं
- गडसर: सर्किट की सबसे दूर-दराज़ कैंपसाइट पर गहरा नीला पानी
- सतसर: सात जुड़ी हुई अल्पाइन झीलों की कड़ी
- गंगाबल और नुंदकोल: हरमुख चोटी के नीचे दो झीलें; शांत सुबहों में हरमुख गंगाबल के पानी में झलकता है
- गडसर पास: साफ़ दिनों में कश्मीर घाटी और लद्दाख व ज़ांस्कर श्रृंखलाओं के नज़ारे
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक में मिले-जुले जंगल, खुले अल्पाइन बुग्याल, पथरीली और बर्फ़ीली दर्रों की चढ़ाई, ढीले पत्थरों और बोल्डरों वाली उतराई और खुली टुंड्रा घाटियाँ आती हैं।
- दिन 2: 10,000 फ़ीट के ऊपर जंगल धीरे-धीरे अल्पाइन झाड़ियों और बुग्याल में बदलता है
- दिन 3–4: निचनाई और गडसर दर्रों तक पथरीली, बर्फ़ीली चढ़ाई, फिर ढीले पत्थरों पर लंबी उतराई
- दिन 5: सतसर तक हल्की ढलान वाला खुला टुंड्रा
- दिन 7: वांगथ नाले के साथ बदलते जंगल से होकर 11 किमी की उतराई
हाँ, कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर ऊँचाई की बीमारी का ख़तरा है: पहली रात (दिन 1, 8,530 फ़ीट) से अगले दिन (दिन 2, लगभग 3,000 फ़ीट की चढ़ाई) में ऊँचाई तेज़ी से बढ़ती है, और दिन 3 की रात 13,386 फ़ीट पर बीतती है।
- सेहत की जाँच: दिन 1 को हर ट्रेकर का SpO2, नब्ज़ और ब्लड प्रेशर बेसलाइन के तौर पर दर्ज किया जाता है
- ब्रीफ़िंग: दिन 1 की ब्रीफ़िंग में AMS की जानकारी और सुरक्षा नियम बताए जाते हैं
- दवा: ट्रेक से पहले डॉक्टर से सलाह लें, Diamox के बारे में भी
हाँ। कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर ऊपरी उम्र की कोई सीमा नहीं है: 60 से ऊपर के ट्रेकर्स का स्वागत है, अगर वे फ़िट हैं, उन्हें ऊँचाई पर ट्रेकिंग का कुछ अनुभव है और वे डॉक्टर के हस्ताक्षर वाला मेडिकल फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट लाते हैं जो हर ट्रेकर के लिए ज़रूरी है, क्योंकि ट्रेक खड़ी चढ़ाई और उतराई वाले ऊँचे दर्रे पार करता है।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक श्रीनगर से शुरू होता है: ग्रुप दिन 1 को दोपहर 12:00 बजे टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (TRC) से शितकड़ी तक 85 किमी की ड्राइव के लिए निकलता है।
- हवाई जहाज़ से: श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (SXR) के लिए दिल्ली से सीधी उड़ानें हैं (लगभग 1 घंटा 20 मिनट); एक दिन पहले पहुँचें
- ट्रेन से: कटरा या जम्मू तवी पहुँचें, फिर कटरा से श्रीनगर वंदे भारत लें (लगभग 3 घंटे)
- सड़क से: दिल्ली से श्रीनगर लगभग 876 किमी है, जम्मू होते हुए 2 दिन का सफ़र
- वापसी: दिन 7, शाम तक आप श्रीनगर पहुँच जाते हैं; आगे का सफ़र दिन 9 के लिए बुक करें, या दिन 8 (बफ़र दिन) के लिए लचीला या रिफ़ंड होने वाला टिकट लें
नहीं, यातायात कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक फ़ीस में शामिल नहीं है। हम ग्रुप के लिए दिन 1 को दोपहर 12:00 बजे TRC, श्रीनगर से शेयर्ड कैब बुक करने में मदद करते हैं; आने-जाने का किराया ₹8,500 प्रति गाड़ी है, भुगतान सीधे ड्राइवर को।
- शेयरिंग: किराया एक ही गाड़ी (5–6 सीट) के ट्रेकर्स में बँटता है
- वापसी: दिन 7 को शेयर्ड कैब नारानाग में ग्रुप से मिलती है, श्रीनगर तक 2 घंटे के सफ़र के लिए
- कैश: कैब किराये का अपना हिस्सा छोटे नोटों में तैयार रखें
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर आप 6 रातें बुग्यालों और झीलों के पास कैंपों में टेंट में रुकते हैं: शितकड़ी, निचनाई, विशनसर झील, गडसर झील, सतसर और गंगाबल झील।
टेंट शेयर किए जाते हैं, इसलिए इयरप्लग काम आ सकते हैं। ट्रेक शुरू होने से एक दिन पहले श्रीनगर पहुँचने की योजना बनाएँ।
कश्मीर ग्रेट लेक्स के बैच में अधिकतम 20 ट्रेकर्स होते हैं, और कोई न्यूनतम ग्रुप साइज़ नहीं है। हर बैच को वाइल्डरनेस फ़र्स्ट एड में प्रशिक्षित ट्रेक लीडर सपोर्ट टीम के साथ लीड करते हैं।
अगर हालात की माँग हो, तो Trekkaro की तकनीकी टीम गडसर पास के नीचे सबसे खड़े बर्फ़ीले हिस्से पर रस्सियाँ भी लगाती है।
हाँ, महिलाएँ अकेले कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक में शामिल हो सकती हैं: महिला ट्रेकर्स सिर्फ़ दूसरी महिलाओं के साथ टेंट शेयर करती हैं, और ट्रेक लीडर और सपोर्ट स्टाफ़ पूरे समय ग्रुप के साथ रहते हैं।
इस इलाक़े की किसी भी यात्रा की तरह, निकलने से पहले मौजूदा सुरक्षा स्थिति देख लें, और अपना क़ीमती सामान सुरक्षित रखें।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर कैंप में सादा, पौष्टिक शुद्ध शाकाहारी खाना मिलता है, और लंबे ट्रेकिंग दिनों में पैक्ड लंच।
- लंच बॉक्स: दोबारा इस्तेमाल होने वाला, लीक-प्रूफ़ लंच बॉक्स लाएँ
- स्नैक्स: मेवे, सूखे फल, एनर्जी बार, डार्क चॉकलेट और इलेक्ट्रोलाइट पाउच, ख़ासकर गडसर पास वाले दिन के लिए
हाँ। कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर पानी ठंडी हिमनदी धाराओं से आता है, और सुरक्षा के लिए कैंपों पर इसे उबाला जाता है या क्लोरीन की गोलियों से साफ़ किया जाता है।
- बोतलें: 1 लीटर की दो बोतलें, जिनमें से एक इंसुलेटेड हो, ठंडी सुबह जल्दी निकलने के लिए
- इलेक्ट्रोलाइट: लंबे दिनों में ORS या इलेक्ट्रोलाइट पाउच मिलाएँ
हाँ। कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर ट्रेकिंग जूते, जैकेट और पोल आप अपने लाते हैं; माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स मुफ़्त दिए जाते हैं, बिना डिपॉज़िट और बिना किसी शुल्क के।
हाँ, कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर बैकपैक ऑफ़लोडिंग ₹3,000 + 5% GST में होती है, 9 किलो तक के एक बैकपैक के लिए, जिसे पूरे ट्रेक में पोर्टर ले जाता है।
- डे पैक: पानी, रेन जैकेट और स्नैक्स के साथ 20–30 L का डे पैक ख़ुद उठाएँ
- वज़न: ऑफ़लोड किया गया बैग 9 किलो के अंदर रखें
नहीं, कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर डॉक्टर साथ नहीं जाते, पर आपकी सेहत पर नज़र दिन 1, यानी उसी दिन से रखी जाती है जब हर ट्रेकर का SpO2, पल्स और ब्लड प्रेशर दर्ज किया जाता है।
- ट्रेक लीडर: वाइल्डरनेस फ़र्स्ट एड में प्रशिक्षित, पूरी फ़र्स्ट-एड किट के साथ
- आपकी किट: आपकी रोज़ की दवाएँ, छालों की पट्टी, दर्द की दवा और ORS
- फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट: अनिवार्य, डॉक्टर के हस्ताक्षर वाला
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक के लिए ओरिजिनल सरकारी फ़ोटो पहचान पत्र और उसकी फ़ोटोकॉपी, और इमरजेंसी इवैक्युएशन कवर वाली ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी साथ रखें, जो अनिवार्य है।
- पहचान पत्र: आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर ID या ड्राइविंग लाइसेंस
- विदेशी ट्रेकर्स: पासपोर्ट, वन प्रवेश परमिट और किसी भी मेडिकल इवैक्युएशन के लिए ज़रूरी
- मेडिकल: डॉक्टर के हस्ताक्षर वाला फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट (अनिवार्य)
- फ़ॉर्म: हस्ताक्षर किया हुआ डिस्क्लेमर फ़ॉर्म और आपका Trekkaro बुकिंग कन्फ़र्मेशन
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर मोबाइल नेटवर्क बहुत सीमित है: सिर्फ़ पोस्टपेड कनेक्शन चलते हैं, और कुछ जगहों पर कमज़ोर सिग्नल मिल सकता है, पर उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ट्रेल पर चार्जिंग की कोई सुविधा नहीं है।
- बिजली: इतनी क्षमता वाला पावर बैंक (या पोर्टेबल सोलर चार्जर) साथ रखें जो 7 दिन चले
- कैश: श्रीनगर में ही पैसे निकालें, क्योंकि पहाड़ों में ATM बहुत कम हैं और कार्ड नहीं चलते
हाँ। कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर आप दिन 1, यानी पहले दिन, शितकड़ी के बेस कैंप पर अतिरिक्त सामान छोड़ सकते हैं, और दिन 7 को ट्रेक के अंत में नारानाग में उसे वापस ले लेते हैं।
ट्रेक एक तरफ़ का है, शितकड़ी से नारानाग तक, और आपका बैग फ़िनिश पर आपका इंतज़ार कर रहा होगा। सामान कम से कम रखें और क़ीमती चीज़ें न छोड़ें; छोड़े गए सामान के किसी भी नुक़सान के लिए Trekkaro ज़िम्मेदार नहीं है।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक में दिन 8 बफ़र दिन के रूप में रखा जाता है। अगर इसका इस्तेमाल होता है, तो हर ट्रेकर प्रति दिन ₹2,500 अतिरिक्त देता है, जिसमें खाना, रहना और स्टाफ़ का ख़र्च शामिल है।
सुरक्षित रहने के लिए श्रीनगर से आगे का सफ़र इस अतिरिक्त दिन को ध्यान में रखकर तय करें।
अल्पाइन झीलों की कड़ी के पास से हफ़्ते भर की पैदल यात्रा के लिए कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक चुनें, और हरे-भरे कुल्लू से वीरान लाहौल तक छोटे सफ़र के लिए हम्प्टा पास ट्रेक।
- कश्मीर ग्रेट लेक्स: 7 दिन, लगभग 67 किमी, मध्यम–कठिन, सबसे ऊँचा बिंदु 4,206 मीटर, जुलाई से सितंबर के मध्य तक
- हम्प्टा पास: 5 दिन, लगभग 26.5 किमी, मध्यम, सबसे ऊँचा बिंदु 4,298 मीटर, जून से सितंबर
- गियर: दोनों ट्रेक पर माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स मुफ़्त मिलते हैं; जूते, जैकेट और पोल आप अपने लाते हैं
कश्मीर ग्रेट लेक्स बैच की बुकिंग ट्रेक शुरू होने से एक दिन पहले शाम 5 बजे (भारतीय समय) बंद हो जाती है। मौसम सिर्फ़ जुलाई से सितंबर के मध्य तक चलता है, इसलिए लोकप्रिय बैच जल्दी भर जाते हैं; तारीखें तय होते ही बुक करें।
जल्दी बुकिंग से आपको श्रीनगर के लिए फ़्लाइट या ट्रेन ढूँढने और ट्रेक की ट्रेनिंग के लिए भी समय मिलता है।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक के लिए न्यूनतम उम्र 14 साल है, क्योंकि दिन लंबे हैं और 13,000 फ़ीट से ऊपर के तीन दर्रे हैं। 18 साल से कम उम्र के ट्रेकर्स को माता-पिता या अभिभावक के साथ आना होगा।
ऊपरी उम्र की कोई सीमा नहीं है। 60 से ऊपर के ट्रेकर्स का स्वागत है, अगर वे फ़िट हैं और उनका दिल स्वस्थ है; डॉक्टर के हस्ताक्षर वाले मेडिकल सर्टिफ़िकेट के साथ, जो हर ट्रेकर लाता है, हम ECG या TMT रिपोर्ट की भी सलाह देते हैं।
नियम और शर्तें
1. रहने की व्यवस्था
- दिन 1 से दिन 6: तय कैंपसाइट्स पर कैंपिंग (6 रातें), तीन लोगों की शेयरिंग पर
2. खाना
- दिन 1 के डिनर से दिन 7 के नाश्ते तक सारा खाना: नाश्ता, लंच, शाम का नाश्ता और डिनर
3. परमिट और कैंपिंग शुल्क
- वन परमिट और कश्मीर ग्रेट लेक्स रास्ते के सारे प्रवेश शुल्क
4. कैंपिंग और सुरक्षा उपकरण
- हर कैंपसाइट पर डबल-वॉल, बारिश-रोधी टेंट और -20°C वाले स्लीपिंग बैग
- हर कैंपसाइट पर ट्रेकिंग मैट्रेस या स्लीपिंग पैड
- मुफ़्त माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स (न डिपॉज़िट, न कोई शुल्क)
- हर कैंपसाइट पर रोज़ SpO2, पल्स और ब्लड-प्रेशर की जाँच
- हर बैच के साथ पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर और इमरजेंसी स्ट्रेचर
5. ट्रेक टीम
- पूरे 7 दिन प्रमाणित ट्रेक लीडर और गाइड
- पहाड़ी किचन स्टाफ़, कैंप हेल्पर, और स्थानीय घोड़े व खच्चर वाली सपोर्ट टीम
- नारानाग तक पूरा सर्किट करने पर ट्रेक पूरा करने का सर्टिफ़िकेट
1. यातायात
- शामिल नहीं: टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (TRC), श्रीनगर से सोनमर्ग होते हुए शितकड़ी बेस कैंप तक, और नारानाग से वापस श्रीनगर तक। Trekkaro अलग ख़र्च पर शेयर्ड कैब की व्यवस्था करता है: आने-जाने के लिए 5–6 सीट वाली गाड़ी का लगभग ₹8,500 है और भुगतान सीधे ड्राइवर को होता है; यह किराया उस गाड़ी के ट्रेकर्स में बँट जाता है।
- श्रीनगर तक आना-जाना (फ़्लाइट, ट्रेन या बस), आपकी अपनी व्यवस्था
2. रास्ते का खाना
- श्रीनगर से शितकड़ी और नारानाग से वापस श्रीनगर के सफ़र के दौरान का खाना
3. बैकपैक ऑफ़लोडिंग (वैकल्पिक)
- पूरे ट्रेक के लिए ₹3,000 + 5% GST
- अधिकतम वज़न: 9 किलो; सूटकेस, ट्रॉली या डफ़ल बैग नहीं
- शितकड़ी में आख़िरी समय पर माँगने पर शुल्क ज़्यादा लग सकता है
4. अकेले टेंट (वैकल्पिक)
- पूरे ट्रेक के लिए प्रति टेंट ₹2,000 + 5% GST
5. निजी सामान
- आपके कपड़े, बैकपैक, धूप का चश्मा और बाक़ी निजी सामान
- ट्रेकिंग जूते, जैकेट और ट्रेकिंग पोल: अपने लाएँ (माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स मुफ़्त मिलते हैं)
6. ट्रेक इंश्योरेंस
- ट्रैवल इंश्योरेंस अनिवार्य है और शामिल नहीं है। इसमें हाई-एल्टीट्यूड ट्रेकिंग और हेलिकॉप्टर इवैक्युएशन कवर होना चाहिए।
7. जो कुछ शामिल चीज़ों में नहीं लिखा है
- ट्रेक से पहले या बाद श्रीनगर में रुकना
- निजी ख़र्च जैसे टिप, कॉल, कपड़े धुलवाना और अतिरिक्त स्नैक्स
- बीच में ट्रेक छोड़ने, इवैक्युएशन, या मौसम अथवा मेडिकल कारणों से कार्यक्रम बदलने का ख़र्च
हम जानते हैं कि ट्रेक कैंसल करना सचमुच निराश करता है। योजनाएँ बदलती हैं, ज़िंदगी में कुछ आ जाता है, और कभी-कभी पहाड़ों को इंतज़ार करना पड़ता है। इसीलिए Trekkaro ने इंडस्ट्री की सबसे ट्रेकर-फ़्रेंडली कैंसलेशन नीतियों में से एक बनाई है — ताकि आप पर पैसे का बोझ कम हो और चीज़ें योजना के मुताबिक़ न चलें तो आपके पास असली विकल्प हों।
ज़रूरी: trekkaro.com पर की गई बुकिंग My Bookings से ऑनलाइन कैंसल होती है। हमारी टीम के साथ ऑफ़लाइन की गई बुकिंग वही व्यक्ति ईमेल से लिखकर कैंसल करे जिसने ट्रेक बुक किया था। फ़ोन, WhatsApp या किसी तीसरे व्यक्ति के ज़रिए किए गए अनुरोध मान्य नहीं हैं।
अपना ट्रेक कैसे कैंसल करें
trekkaro.com पर ऑनलाइन बुकिंग:
- लॉग इन करके My Bookings खोलें।
- जिस ट्रेक को कैंसल करना है, उस पर Cancel Booking चुनें।
- रिफ़ंड चुनें (नीचे दिए शुल्क के अनुसार) या Get TrekCash Voucher instead — वाउचर तुरंत जारी होता है और My TrekCash Vouchers में दिखता है।
हमारी टीम के साथ ऑफ़लाइन बुकिंग:
- बुकिंग के समय इस्तेमाल हुई रजिस्टर्ड ईमेल ID से ईमेल लिखें।
- ईमेल में अपने टैक्स इनवॉइस की कॉपी लगाएँ।
- दोनों info@trekkaro.com पर भेजें।
- आपका कैंसलेशन उस तारीख़ से लागू होता है जिस दिन Trekkaro को आपका ईमेल मिलता है और वह उसकी पुष्टि करता है।
अपना ट्रेक कैसे रीशेड्यूल करें (मुफ़्त)
- हर बुकिंग पर एक बार, उसी ट्रेक के दूसरे बैच में, बिना किसी शुल्क के। जो अनुरोध हम मना करते हैं, वह गिना नहीं जाता।
- रवानगी से 8 दिन पहले तक, 8–14 दिन वाली अवधि में भी, जब कैश रिफ़ंड नहीं मिलता। नया बैच अनुरोध के दिन से कम से कम 7 दिन बाद शुरू होना चाहिए।
- सीट उपलब्ध होने पर, बुकिंग के हर ट्रेकर के लिए।
- उपलब्ध नहीं उन बुकिंग के लिए जिनका पूरा या कुछ भुगतान TrekCash वाउचर से हुआ है।
- कोई फ़ीस या क़ीमत का अंतर नहीं; ऐड-ऑन और ट्रेकर्स की संख्या वही रहती है जो बुक की गई थी।
- नया बैच आपकी बुकिंग की तारीख़ से 1 साल के अंदर शुरू होना चाहिए।
- उपलब्ध नहीं उस बुकिंग के लिए जिसे आपने Trekkaro के कैंसलेशन के बाद रिवाइव किया है — रिवाइव की गई बुकिंग अंतिम होती है।
ऑनलाइन बुकिंग: My Bookings → Reschedule free → बैच चुनें। हमारी टीम ईमेल से पुष्टि करती है और मंज़ूरी मिलते ही आपकी बुकिंग नए बैच में चली जाती है। ऑफ़लाइन बुकिंग: info@trekkaro.com पर ईमेल करें।
अपनी बुकिंग किसी और को कैसे दें
आप रवानगी से 8 दिन पहले तक अपनी बुकिंग किसी दूसरे ट्रेकर को दे सकते हैं। अपनी रजिस्टर्ड ईमेल ID से info@trekkaro.com पर बुकिंग ID और नए ट्रेकर का नाम, उम्र, फ़ोन नंबर और ID प्रूफ़ भेजें। नए ट्रेकर को ट्रेक के फ़िटनेस, उम्र और दस्तावेज़ के नियम पूरे करने होंगे। हम ट्रांसफ़र की पुष्टि ईमेल से करते हैं।
कैंसलेशन शुल्क
| कब कैंसल करते हैं | कैश रिफ़ंड | दूसरे विकल्प |
|---|---|---|
| रवानगी से 30 दिन या उससे ज़्यादा पहले | 70% रिफ़ंड (30% कैंसलेशन शुल्क) | या इसके बजाय: 100% TrekCash वाउचर (1 साल के लिए मान्य), मुफ़्त रीशेड्यूल या ट्रांसफ़र |
| रवानगी से 15 से 29 दिन पहले | 50% रिफ़ंड (50% कैंसलेशन शुल्क) | या इसके बजाय: 100% TrekCash वाउचर (1 साल के लिए मान्य), मुफ़्त रीशेड्यूल या ट्रांसफ़र |
| रवानगी से 8 से 14 दिन पहले | ट्रेक फ़ीस का कोई कैश रिफ़ंड नहीं | आप 100% TrekCash वाउचर (1 साल के लिए मान्य), मुफ़्त रीशेड्यूल (हर बुकिंग पर एक बार) या किसी दूसरे ट्रेकर को ट्रांसफ़र ले सकते हैं |
| रवानगी से 7 दिन या उससे कम पहले, या न आने पर | ट्रेक फ़ीस का कोई रिफ़ंड नहीं | कुछ नहीं: न वाउचर, न रीशेड्यूल, न ट्रांसफ़र |
रिफ़ंड की जगह 100% वाउचर। बुकिंग के दिन से रवानगी से 8 दिन पहले तक आप भुगतान की गई रकम का 100% TrekCash वाउचर ले सकते हैं, जो किसी भी Trekkaro ट्रेक पर 1 साल तक मान्य है। यह ऊपर की हर अवधि में मिलता है, 8–14 दिन वाली अवधि में भी, जब कैश रिफ़ंड नहीं मिलता। ऑनलाइन बुकिंग में वाउचर My Bookings → Cancel Booking से मिलता है (तुरंत जारी)। ऑफ़लाइन बुकिंग में इसके लिए info@trekkaro.com पर ईमेल करें।
अगर आपने FTG सिक्योरिटी डिपॉज़िट और धुलाई शुल्क दिया है, तो ट्रेक शुरू होने से पहले कैंसल करने पर दोनों पूरे वापस मिलते हैं, हर अवधि में।
वाउचर से की गई बुकिंग का कैंसलेशन
- वाउचर से की गई बुकिंग पर भी वही सामान्य कैंसलेशन नीति लागू होती है जो सीधी बुकिंग पर होती है।
- लागू कैंसलेशन शुल्क काटने के बाद बची रकम आपके Trekkaro अकाउंट में नए वाउचर के रूप में जमा होती है।
- अगर कैंसलेशन के समय आपका वाउचर पहले ही एक्सपायर हो चुका है, तो किसी भी हालत में कोई रिफ़ंड, क्रेडिट या समय-विस्तार नहीं मिलेगा।
- अगर वाउचर रविवार या सार्वजनिक छुट्टी के दिन एक्सपायर होता है, तो उसे एक्सपायरी की तारीख़ से पहले इस्तेमाल करना होगा।
अतिरिक्त शर्तें
- मुफ़्त रीशेड्यूल: उसी ट्रेक के दूसरे बैच में जाना हर बुकिंग पर एक बार मुफ़्त है, रवानगी से 8 दिन पहले तक, बुकिंग की तारीख़ से 1 साल के अंदर शुरू होने वाले बैच में, सीट उपलब्ध होने पर। TrekCash वाउचर से भुगतान की गई बुकिंग या रिवाइव की गई बुकिंग पर उपलब्ध नहीं।
- ट्रेक ट्रांसफ़र: आप रवानगी से 8 दिन पहले तक ईमेल से अपनी बुकिंग किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफ़र कर सकते हैं। नए ट्रेकर को उस ट्रेक के फ़िटनेस, उम्र और दस्तावेज़ के नियम पूरे करने होंगे। ऊपर “अपनी बुकिंग किसी और को कैसे दें” देखें।
- ट्रेक शुरू होने के बाद कोई रिफ़ंड नहीं: आपके कन्फ़र्म कार्यक्रम के दिन 1 से ट्रेक शुरू हो जाने के बाद किसी भी कारण से, जिसमें बीच में छोड़ना, बीमारी या सेवाओं से असंतोष शामिल है, कोई रिफ़ंड या TrekCash वाउचर नहीं दिया जाएगा।
- नीति में बदलाव: Trekkaro बिना पूर्व सूचना के कभी भी इस कैंसलेशन नीति को बदल या वापस ले सकता है। आपकी बुकिंग कन्फ़र्म होने के समय लागू नीति ही आपकी बुकिंग पर लागू होती है।
बीच में ट्रेक छोड़ना या ट्रेक से हटाया जाना
किसी ट्रेकर को ट्रेक पूरा होने से पहले छोड़ना पड़ सकता है: सेहत के कारण (AMS, हाई ब्लड प्रेशर, दिल से जुड़े लक्षण, या ऐसी फ़िटनेस जिससे सुरक्षा को ख़तरा हो), नियम तोड़ने पर (ट्रेल पर शराब या बिना पर्चे की दवाएँ, मना की गई जगह पर धूम्रपान, लापरवाह व्यवहार या दुर्व्यवहार), या अपनी मर्ज़ी से। बीच में छोड़ने या हटाए जाने के हर मामले में कोई रिफ़ंड, आंशिक रिफ़ंड या TrekCash वाउचर नहीं मिलेगा, और अतिरिक्त यातायात या वापसी का ख़र्च ट्रेकर की ज़िम्मेदारी है। सेहत और सुरक्षा के आधार पर ट्रेक लीडर का फ़ैसला अंतिम है।
अगर Trekkaro आपका ट्रेक कैंसल करे
Trekkaro को कोई बैच कैंसल करना पड़ सकता है जब उसमें न्यूनतम ग्रुप साइज़ पूरा न हो, जब ट्रेक लीडर उपलब्ध न रहे, जब वन विभाग या परमिट ऑफ़िस रास्ता बंद कर दे, या हमारे नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों में (प्राकृतिक आपदाएँ, कर्फ़्यू, लॉकडाउन, राजनीतिक अशांति)। आपको ईमेल और WhatsApp से कारण के साथ बताया जाता है, और रवानगी कितनी भी नज़दीक हो, आपको भुगतान की गई पूरी रकम का 100% मिलता है: TrekCash वाउचर के रूप में (तुरंत, किसी भी ट्रेक पर 12 महीने तक मान्य — नया ट्रेक महँगा हो तो अंतर देना होगा) या, अगर आप चाहें, 7 कार्यदिवसों के अंदर आपके मूल भुगतान माध्यम में पूरा रिफ़ंड। अगर हम आपको बुकिंग किसी दूसरे बैच पर रिवाइव करने का मौक़ा देते हैं (My Bookings से, सीमित समय के लिए), तो 7 कार्यदिवस उस ऑफ़र के ख़त्म होने पर शुरू होते हैं। आप उसी ट्रेक के दूसरे बैच में बिना किसी शुल्क के जाने के लिए भी कह सकते हैं।
कैंसल हुई बुकिंग को रिवाइव करना
किसी बैच को कैंसल करने के बाद Trekkaro आपको अपनी बुकिंग ख़ुद रिवाइव (Revive my booking) करने का मौक़ा दे सकता है, My Bookings से, हमारे दिए ट्रेक और तारीख़ों पर, सीमित समय के लिए (ऑफ़र में दिखाया जाता है, सामान्य रूप से 24 घंटे)। रिवाइव करने से कैंसलेशन का TrekCash वाउचर हट जाता है या रिफ़ंड रुक जाता है। पुष्टि करने से पहले हर तारीख़ पर दिखता है कि उसका आपके लिए क्या मतलब है: महँगा बैच हो तो अंतर या तो माफ़ किया जाता है या बकाया रकम के रूप में जोड़ा जाता है; सस्ता बैच हो तो अंतर रिफ़ंड होता है, आपके TrekCash में जोड़ा जाता है या रिफ़ंड नहीं होता, जैसा ऑफ़र में लिखा हो (कभी भी आपके भुगतान से ज़्यादा नहीं)। जो ऐड-ऑन नया ट्रेक भी देता है, वे उसकी क़ीमत पर साथ चलते हैं।
- हर बुकिंग पर एक बार, और अंतिम: रिवाइव करने के बाद ट्रेक और तारीख़ बदली या रीशेड्यूल नहीं की जा सकती। विशेष मामलों में Trekkaro एक और मौक़ा दे सकता है।
- सिर्फ़ आपकी बुकिंग की तारीख़ से 1 साल के अंदर शुरू होने वाले बैच ही ऑफ़र किए जा सकते हैं।
- अगर रिवाइव की गई बुकिंग दोबारा कैंसल होती है, तो सस्ते बैच के लिए पहले ही रिफ़ंड या क्रेडिट किया गया हिस्सा दूसरी बार वापस नहीं मिलता। किसी मूव पर हमने जो फ़ीस माफ़ की है, वह हमारी टीम के बाद के किसी मूव पर दोबारा नहीं ली जाती।
रिफ़ंड की प्रक्रिया
कैंसलेशन मंज़ूर होने के 7 कार्यदिवसों के अंदर रिफ़ंड प्रोसेस होता है और सिर्फ़ उसी भुगतान माध्यम में जाता है जिससे भुगतान हुआ था (क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, UPI या वॉलेट)। आपके बैंक को इसके बाद 3–5 कार्यदिवस और लग सकते हैं। ऑफ़िस का समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10:00 बजे से शाम 7:00 बजे IST।
पूरी नीति हमारे नियम और शर्तें (सेक्शन 09) का हिस्सा है।
ऑक्सीजन, फ़र्स्ट एड, रोज़ SpO₂ जाँच, प्रशिक्षित लीडर — पढ़ने के लिए टैप करें
1. प्रशिक्षित ट्रेक लीडर
- ट्रेक लीडर्स के पास NIM (नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ़ माउंटेनियरिंग) का सर्टिफ़िकेशन या उसके बराबर की योग्यता है
- उनकी ट्रेनिंग में घायल की जाँच, हाई-एल्टीट्यूड मेडिकल रिस्पॉन्स, रोप वर्क और इवैक्युएशन शामिल हैं
2. रोज़ाना हेल्थ चेक
- हर ट्रेकर का ब्लड ऑक्सीजन (SpO2) और पल्स हर दिन जाँचा जाता है
- SpO2 गिरने पर समय रहते कदम उठाया जाता है, इससे पहले कि वह एक्यूट माउंटेन सिकनेस (AMS) बने
- अगर आप आगे चलने लायक नहीं हैं, तो ट्रेक लीडर आपको आराम करने या नीचे उतरने को कहेंगे; सेहत और सुरक्षा पर ट्रेक लीडर का फ़ैसला अंतिम है
3. इमरजेंसी उपकरण
- ग्रुप के साथ पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर
- ट्रेक टीम के पास फ़र्स्ट-एड और मेडिकल किट
- इमरजेंसी इवैक्युएशन के लिए हर कैंपसाइट पर स्ट्रेचर
- पूरी ट्रेक टीम में रेडियो संचार, क्योंकि ट्रेल पर मोबाइल सिग्नल भरोसेमंद नहीं है
4. सही ट्रेकिंग गियर
- इस ट्रेक पर माइक्रोस्पाइक्स और गेटर्स मुफ़्त मिलते हैं (न डिपॉज़िट, न कोई शुल्क)। अच्छी पकड़ वाले अपने पहने हुए ट्रेकिंग जूते, गर्म जैकेट और ट्रेकिंग पोल ख़ुद लाएँ (‘साथ ले जाने वाली चीज़ें’ देखें)
5. टेंट और स्लीपिंग बैग
- -20°C तक के स्लीपिंग बैग, और तीन ट्रेकर्स के बीच एक टेंट, पुरुषों और महिलाओं के अलग टेंट
6. बर्फ़ और खड़ी चढ़ाई वाले हिस्से
- बर्फ़, बर्फ़ीली सतह या खुली ढलान पर ट्रेक टीम ज़रूरत के हिसाब से रस्सी लगाती है, कदम काटती है और आपको पार कराती है
7. कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक के जोखिम
- सबसे ऊँचा बिंदु: 4,206 मीटर (13,800 फ़ीट)
- गडसर पास वाला दिन: 7–8 घंटे में 14 किमी, ज़रूरत हो तो सबसे खड़ी बर्फ़ पर रस्सियाँ लगाई जाती हैं
- स्क्री और बड़े पत्थरों वाली खड़ी उतराई, जिसमें गडसर झील तक लगभग 2,000 फ़ीट नीचे उतरना भी शामिल है
- कई जगह नाले पार करने होते हैं, और जुलाई व अगस्त में बारिश की बौछारें पड़ती हैं
8. आपकी ज़िम्मेदारी
- ट्रेक से पहले दौड़, साइकिलिंग या तैराकी से अपनी फ़िटनेस बनाएँ
- दिन 1 से पहले ट्रेक लीडर को अपनी किसी भी बीमारी और साथ लाई दवाओं के बारे में बताएँ
- सिरदर्द, जी मिचलाना, चक्कर या साँस फूलने पर तुरंत ट्रेक लीडर को बताएँ
- ऐसा ट्रैवल इंश्योरेंस रखें जो हाई-एल्टीट्यूड ट्रेकिंग और इमरजेंसी इवैक्युएशन कवर करे
ट्रेक का एक दिन कैसा होता है — पढ़ने के लिए टैप करें
1. आप हमसे क्या उम्मीद कर सकते हैं
- कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक पर सुरक्षा सबसे पहले: रोज़ SpO2 और पल्स की जाँच, ग्रुप के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर और स्ट्रेचर
- हर ट्रेकर पर ध्यान: बैच में अधिकतम 20 ट्रेकर्स, ताकि ट्रेक लीडर हर ट्रेकर की सेहत और रफ़्तार जानें
- NIM-प्रमाणित ट्रेक लीडर (नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ़ माउंटेनियरिंग, या बराबर की योग्यता), साथ में स्थानीय गाइड जो कश्मीर ग्रेट लेक्स का रास्ता, मौसम और कैंपसाइट्स जानते हैं
- ऊँचाई के हिसाब से बना कार्यक्रम, रोज़ की दूरी और ऊँचाई इस तरह तय कि शरीर ढल सके
- साफ़ क़ीमत: क्या शामिल है और क्या नहीं, सब नियम और शर्तों में लिखा है, हर वैकल्पिक ऐड-ऑन की क़ीमत के साथ
2. हम आपसे क्या उम्मीद करते हैं
- तैयार रवैया: ठंडी रातें, खड़ी चढ़ाई और अचानक मौसम बदलना पहाड़ों का हिस्सा हैं
- शारीरिक तैयारी: एथलीट होना ज़रूरी नहीं, पर ट्रेक से पहले ट्रेनिंग करें ताकि सबसे लंबा दिन भी आराम से निकले
- ट्रेक लीडर पर भरोसा: रास्ते, रफ़्तार, निकलने के समय और वापस मुड़ने पर उनकी बात मानें, क्योंकि ये फ़ैसले ग्रुप की सुरक्षा के लिए होते हैं
रास्ते पर आख़िरी ATM और फ़ोन नेटवर्क — पढ़ने के लिए टैप करें
1. आख़िरी ATM
- शितकड़ी से पहले आख़िरी भरोसेमंद ATM सोनमर्ग में है
- ट्रेक के पूरे रास्ते में कहीं कोई ATM नहीं है
- छोटे नोट रखें: ट्रेल पर कार्ड नहीं चलते
2. मोबाइल नेटवर्क
- शितकड़ी आख़िरी जगह है जहाँ स्थिर नेटवर्क मिलता है, और वह भी सिर्फ़ पोस्टपेड SIM पर
- शितकड़ी के बाद कुछ जगहों पर कमज़ोर सिग्नल मिल सकता है, पर वह भरोसेमंद नहीं है
- बेस छोड़ने से पहले ज़रूरी कॉल कर लें और परिवार को सीमित नेटवर्क के बारे में बता दें
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रूट मैप और ऊँचाई प्रोफ़ाइल
मैप पर कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक का रूट देखें: शितकड़ी (2,600 मीटर) से गडसर पास (4,206 मीटर) तक, लगभग 1,606 मीटर की चढ़ाई। दबाएँ ट्रेल पर चलें और कैंप-दर-कैंप हाइकर के साथ चलें, या किसी दिन पर टैप करके उसके कैंप पर जाएँ।
सैटेलाइट तस्वीरें, टोपोग्राफ़िक मैप के विकल्प के साथ। ट्रेल मैप की गई पगडंडियों और Trekkaro रूट (625 पॉइंट) से बनी है; यह दिशा समझने के लिए है, नेविगेशन मैप नहीं। आपका ट्रेक लीडर पूरे रास्ते आपके साथ चलता है।
कश्मीर ग्रेट लेक्स ट्रेक के कैंप और ऊँचाई
- दिन 1 शितकड़ी · 2,600 मीटर / 8,530 फ़ीट बेस — Camp near Sonamarg
- दिन 2 निचनाई · 3,510 मीटर / 11,516 फ़ीट कैंप — Meadow camp
- दिन 3 निचनाई पास · 3,990 मीटर / 13,091 फ़ीट Pass — First pass
- दिन 3 विशनसर झील · 4,080 मीटर / 13,386 फ़ीट झील — Twin-lake camp
- दिन 4 गडसर पास · 4,206 मीटर / 13,799 फ़ीट Pass — Highest point of the trek
- दिन 4 गडसर झील · 3,600 मीटर / 11,811 फ़ीट झील — Camp below the lake
- दिन 5 सतसर झील · 3,780 मीटर / 12,402 फ़ीट झील — Seven-lake camp
- दिन 6 ज़ाज पास · 4,100 मीटर / 13,451 फ़ीट Pass — Last pass
- दिन 6 गंगाबल झील · 3,501 मीटर / 11,486 फ़ीट झील — Camp under Harmukh
- दिन 7 नारानाग (ट्रेक का अंत) · 2,190 मीटर / 7,185 फ़ीट बेस — Road head; drive to Srinagar
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Kashmir Great Lakes ट्रेक गाइड (अंग्रेज़ी में)
What Trekkers Say About the Kashmir Great Lakes Trek
Reviews left on trekkaro.com by trekkers who did this trek with us.
"It was an amazing experience, the trek guides were so friendly and made difficult paths so easy, no problems in eating too, I do not write reviews but this trek made me do so… Thank you Laxman and TK Team"
"Well managed with experienced trek leaders. Provides safe but at the same time adventurous trekking experience. The food provided is tasty, especially considering the location and geography of campsites."
"It was nicely managed by trek leader Laxman Sir."
"When I went with Trekkaro I wasn't sure what to expect. My parents are Indian but I have lived my entire life in the UK and my grasp on Hindi is not great. However, the hikes ended up being one of the best experiences of my entire life. I has a lot of fun, got to meet a lot of great people, and left with great memories. I highly recommend it."
"Trekking with Trekkaro will remain one of the most memorable experiences of my life. We were part of a group that trekked Kashmir Great Lakes trek. Trekkaro did a fantastic job of managing the logistics at a very high altitude. They were also environmentally conscious and educated the group on sustainable trekking. Can not wait to trek again with this passionate organisation!"
"It was one of the most amazing experiences I've ever had. The trek was well-planned, organized, and Trekkaro provided all the necessary resources for a successful journey. The scenery was breathtaking and I would highly recommend Trekkaro's services to anyone looking to explore this beautiful region."
क्यों Trekkaro?
8+ सालों से Free Trekking Gear देने में अग्रणी — ट्रेकिंग का तरीक़ा बदलते हुए।
रवानगी से 8 दिन पहले तक, दूसरे बैच में मुफ़्त रीशेड्यूल करें या अपनी रकम का 100% TrekCash वाउचर लें — किसी भी अगले ट्रेक पर 1 साल तक मान्य।
हमारे साथ ट्रेक कर चुके ट्रेकर्स ने Facebook पर 4.9/5 और Google पर 4.7/5 रेटिंग दी है।
बुकिंग से लेकर घर लौटने तक हम आपको सुरक्षित रखते हैं — प्रमाणित लीडर, फ़र्स्ट एड और इमरजेंसी सपोर्ट।
सोच-समझकर बने कार्यक्रम, साथ में अनुभव को अपना बनाने की आज़ादी — ट्रेक कितना भी कठिन हो।
हमारा हर फ़ैसला इस वादे से चलता है कि ट्रेकिंग लोगों और धरती, दोनों के लिए अच्छी हो।
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